शमसाबाद में शुक्रवार को पुलिस प्रशासन ने अघोषित कर्फ्यू लगा दिया। सड़कों पर आवाजाही बंद कर दी। जो भी घर से निकला उसे पुलिस के डंडों की मार खानी पड़ी। गांवों में बलवाइयों की हरकत के बाद पुलिस ने बाइक सवार युवकों की धरपकड़ शुरू कर दी। इससे अफरातफरी मच गई। लोग घरों में कैद होकर रह गए। अफसरों का कहना है कि कस्बे में धारा 144 लागू है। उसका सख्ती से पालन कराया जा रहा है।
शमसाबाद में भाजपा नेताओं ने गुरुवार की सुबह से ही बाजार बंद करा दिए थे। दोपहर बाद टोला मोहल्ला में हुए सांप्रदायिक संघर्ष के बाद तो इक्का दुक्का दुकानें भी पुलिस ने बंद करा दीं। ठेल-ढकेल वाले भी नहीं आए। शुक्रवार को पूरे कस्बे के बाजार बंद रहे। गांवों में धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ की घटना के बाद पुलिस ने सड़कों पर वाहनों का आवागमन बंद करा दिया। शमसाबाद मुख्य बाजार से लेकर गांधी चौक, राजा खेड़ा रोड और अन्य रास्तों पर बैरियर लगाकर पुलिस बल तैनात कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बाइक सवारों को भी निशाना बनाया। कई युवकों को हिरासत में ले लिया गया। घरों के बाहर बैठे लोगों को भी नहीं बख्शा। नर्सिंग होम और कोचिंग इंस्टीट्यूटों पर भी पुलिस का डंडा चला। पुलिस ने कोचिंग में पढ़ने आए छात्रों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद एक नर्सिंग होम के बाहर भीड़ देखकर पुलिस ने नर्सिंग होम में मरीजों के साथ आए तीमारदारों को उठाना शुरू कर दिया। इससे लोगों में दहशत फैल गई। कस्बे में अफवाह फैली कि पुलिस ने कर्फ्यू लगा दिया है। लेकिन अधिकारियों ने साफ किया कि कर्फ्यू नहीं लगाया गया है। केवल धारा 144 का पालन कराया जा रहा है। अघोषित कर्फ्यू के चलते लोग घरों में कैद होकर रह गए। पुलिस की इस कार्रवाई से कस्बावासियों में आक्रोश व्याप्त है।