शहर का सबसे संवेदनशील इलाका है मंटोला। मिश्रित आबादी है। कई बार बवाल हो चुका है यहां। यहीं के चौराहा मीरा हुसैनी पर हत्या की गई विहिप नेता अरुण माहौर की। इसका पता चलते ही अफसर टेंशन में आ गए। डीएम और एसएसपी ही नहीं, डीआईजी तक मौका ए वारदात की ओर दौड़ लिए लेकिन तब तक तनाव फैल चुका था।
माहौल की नब्ज पकड़ने में अफसरों ने देरी नहीं की। डीआईजी अजय मोहन शर्मा ने डेरा जमा लिया। फीरोजाबाद, मैनपुरी और मथुरा से फोर्स मंगाई गई। पुलिस, पीएसी के साथ आरएएफ भी लगा दी। हर मोहल्ले पर काले कपड़े पहने स्वाट के जवान तैनात कर दिए गए। एलआईयू की टीम माहौल की नब्ज टटोलने में लगा दी गई।
एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने एक-एक मोहल्ले में पुलिस की ड्यूटी लगाने के साथ ही पूरे इलाके की बैरियर लगवाकर नाकाबंदी करा दी। अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल हो गया। पूरे शहर में इस बात का डर था कि अगर मंटोला में कुछ हो गया तो स्थिति संभालना पुलिस के लिए मुश्किल होगा।
पुलिस ने भी पूरा जोर यहीं पर लगाया। शहर के 15 थानों की फोर्स लगाई गई। एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी ट्रैफिक , सीओ हरीपर्वत भी डेरा डाले रहे। यहां की जिंदगी सुबह से शाम तक घरों में कैद रही। कई स्कूलों में छुट्टी जल्दी कर दी गई।
दहशत में बाजार हुए बंद
आगरा। हत्याकांड के बाद मंटोला और इसके आसपास के क्षेत्र के लोग दहशत में आ गए। स्थिति यह थी कि दोपहर बाद हींग की मंडी, सदरभट्ठी, धाकरान, नाई की मंडी आदि बाजार बंद हो गए। दुकानों के शटर गिरा दिए गए।