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तीन मौतों से धांधूपुरा में मचा कोहराम, घरों में चूल्हे नहीं जले

Mon, 10 Aug 2015 02:21 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर नरायच, चार पुलिया पर हादसे से कोहराम मच गया। बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से मारे गए कांवड़ियों में तीन धांधूपुरा के थे। जानकारी पर गांव में मातम पसर गया। जिसने सुना वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। एसएन मेडिकल कालेज में भी लोगों की भीड़ लग गई। लाशें देखकर परिवारीजनों में चीखपुकार मच गई। गांव में घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
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धांधूपुरा के धारा सिंह ने बताया कि हर साल सावन में गांव के प्राचीन शिव मंदिर में कांवड़ चढ़ाई जाती है। बड़ी संख्या में ग्रामीण सोरों से कांवड़ लेकर आते हैं। शुक्रवार रात दस बजे गांव से तकरीबन 32 लोग कांवड़ लेने गए थे। शनिवार सुबह तकरीबन 11 बजे 16 कांवड़ लेकर सभी वहां से रवाना हुए। रविवार तड़के तकरीबन तीन बजे जलेसर में रुकने के बाद आंवलखेड़ा पहुंचे। गांव से पहुंचे रिंकू, प्रवीन, अमित, ज्ञानी, विक्रम, धर्मवीर आदि ने आठ कांवड़ उठा ली। इसके बाद विक्रम, सुनील, नितिन, बजरंगी, राजू, नंदू, मनोज, पवन आदि गांव के लिए चल दिए। दोपहर में हादसा हो गया। हादसे में घायल होने की जानकारी दी थी। ग्रामीण पहले घटनास्थल पर पहुंचे। यहां से घायलों को एसएन मेडिकल कालेज पहुंचाया जा चुका था। धर्मेंद्र, वीरपाल और कृष्णा की मौत की जानकारी से कोहराम मच गया।

डाकखाने में बाबू थे वीरपाल
वीरपाल दयालबाग स्थित पोस्ट आफिस में बाबू थे। पिता किसान हैं। उनके दो बच्चे आयुष और प्रिंस हैं। वह पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। वहीं मृतक कृष्णा तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। वह छीपीटोला स्थित एक दुकान पर नौकरी करते थे। उनकी पत्नी पिंकी भी साथ में कांवड़ लेने गईं थीं। हादसे में वह बच गईं। मृतक धर्मेंद्र मजदूरी करते थे।
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सपना के पैर के ऊपर से गुजरा ट्रक
हादसे में घायल सपना की हालत गंभीर है। वह पति किताब सिंह के साथ कांवड़ लेने गईं थीं। वह पीछे चल रहीं थीं। सबसे पहले ट्रक की चपेट में वही आईं। सपना के पैर के ऊपर से ट्रक निकल गया, जिससे डाक्टर को उनका एक पैर काटना पड़ा।

एंबुलेंस तक का इंतजाम नहीं कर पाई एत्माद्दौला पुलिस
ट्रैक्टर ट्राली से घायलों को एसएन पहुंचाया
घायल कांवड़ियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिस एंबुलेंस तक का इंतजाम नहीं कर पाई। ट्रैक्टर ट्राली से उन्हें एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी पहुंचाया। राहगीरों ने मदद की। जाम में ट्रैक्टर ट्राली न फंस जाए इसलिए एक व्यक्ति अपनी कार लेकर आगे-आगे ट्रैफिक हटवाते हुए चला।
धांधूपुरा के धारा सिंह, विक्रम सिंह और श्याम सिंह अपनी ट्रैक्टर ट्राली से सभी को लेकर सोरों गए थे। कांवड़ उठाने के बाद ट्रैक्टर ट्राली आगे-आगे चल रही थी। विक्रम ने बताया कि हादसे के बाद 20 मिनट तक घायल सड़क पर पड़े रहे। पुलिस एंबुलेंस का इंतजाम नहीं कर पाई।

इमरजेंसी में मची अफरातफरी
एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी में घायलों के पहुंचते ही अफरातफरी मच गई। जानकारी पर प्रिंसिपल डा. अजय अग्रवाल भी पहुंच गए। उन्होंने तत्काल डाक्टरों की टीम को बुलाया। इसके बाद घायलों के इलाज में तेजी दिखाई गई। प्रिंसिपल ने बताया कि पांच घायलों की हालत सामान्य है। एक महिला का एक पैर काटना पड़ा है। उपचार जारी है।


केंद्रीय मंत्री और नेताओं ने जाना हाल
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने एसएन अस्पताल पहुंचकर घायल कावड़ियों का हाल जाना। उन्होंने डाक्टरों से बेहतर उपचार करने को कहा। मृतकों के परिवारीजनों को सांत्वना दी। जिलाधिकारी से बातचीत की। उनके साथ शरद चौहान, अनिल चौधरी आदि थे। सपा जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव ने एसएन पहुंचकर मृतकों के घरवालों को ढांढस बंधाया। हादसे में पैर गंवाने वाली महिला सपना को नर्सिंग होम में रेफर कराया। अनिल रावत आदि साथ थे।
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उधर, दोपहर डेढ़ बजे हादसे के बाद शाम छह बजे एसएसपी राजेश डी. मोड़क भी एसएन अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
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