मथुरा में बुधवार को साढ़े तीन लाख के इनामी बदमाश साहून से विशंभरा गांव में हुई पुलिस मुठभेड़ में एक युवक की मौत हो गई जबकि स्वाट टीम प्रभारी और एक सिपाही घायल हो गए हैं। साहून फायरिंग करता हुआ भाग निकला।
जिस युवक की मौत हुई है पुलिस उसे बदमाश बता रही है जबकि गांव के लोगों का कहना है कि वह निर्दोष था और आटा चक्की चलाकर परिवार पाल रहा था। युवक की मौत पर गांव में बवाल हो गया। देर रात तक ग्रामीणों ने शव को नहीं उठने दिया था। पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की जा रही थी।
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के इनामिया बदमाश साहून की लोकेशन उसके गांव शेरगढ़ के विशंभरा में मिलने पर पुलिस ने घेरा बंदी की थी। कई थानों की फोर्स दोपहर को करीब साढ़े तीन विशंभरा पहुंच गई। पुलिस साहून के घर के करीब पहुंची ही थी कि साहून और उसके साथियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस पर गोलियां चलाता हुआ साहून मकानों की छतों से होता हुआ भाग निकला। इसी दौरान पुलिस की गोलियों से विशंभरा गांव का कासिम (35) पुत्र सुमरत मारा गया। वहीं स्वाट टीम के प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा और सिपाही सुरेंद्र सिंह घायल हो गए। इन दोनों के भी गोली लगी है।
कासिम की मौत से गांव में बवाल हो गया। पुलिस का कहना था कि कासिम भी साहून गैंग का सदस्य था जबकि ग्रामीण कासिम को निर्दोष बता रहे थे। ग्रामीणों ने कासिम का शव नहीं उठने दिया। पुलिस को घेर लिया गया था। अधिकारियों के साथ भी नोकझोंक हुई।