जालसाजी के लिए बदनाम डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय पर बीएड के बाद अब बीए एलएलबी और एलएलएम के मूल्यांकन में भी खेल किए जाने का संगीन आरोप लगा है। इसकी शिकायत मिलने पर राज्यपाल ने कुलपति को जांच कराने के लिए आदेश दिए हैं। आरोप है कि 2013-14 सत्र की कापियों का मूल्यांकन दागी कॉलेजों के परीक्षकों से कराया गया।
जनवरी में एडेड कालेज के परीक्षकों से कापियाें का मूल्यांकन करवाया गया था। इसी बीच तीन निजी विधि कालेज के परीक्षक भी शामिल कर लिए। ये मथुरा, आगरा और एटा के कालेज रहे। आगरा कालेज के परीक्षक पैनल में शामिल डा. गौरव कौशिक और डा. संजीव शर्मा ने इस पर आपत्ति जताई। इसको दरकिनार कर मूल्यांकन करा अंकों का डाटा रिजल्ट बनाने वाली कंपनी को सौंप दिया गया। कोई सुनवाई न होने पर शिक्षकों ने राजभवन में शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजभवन ने कुलपति को जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए है।
कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद मुजम्मिल ने बताया कि मूल्यांकन में अपात्र शिक्षकों को दूर रखा गया था। फिर भी गड़बड़ी की शिकायत की गई है। इसकी जांच कराई जा रही है।
छात्र उनके और परीक्षक भी
विश्वविद्यालय से 15 विधि कालेज संबद्ध हैं। चार एडेड और 11 प्राइवेट। इसमें करीब 20 हजार छात्र हैं। निजी कालेज के परीक्षकों से करीब पांच हजार कापियां जंचवाई। आरोप है, ये कापियां उनके ही कालेज के छात्रों की हैं, जिनमें वे पढ़ाते हैं।
कोडिंग सिस्टम न होने का उठाया फायदा
इनका मूल्यांकन कोडिंग सिस्टम से नहीं हुआ। यह सुविधा 2014-15 से शुरू की गई थी। इसका लाभ लेते हुए कॉकस ने मूल्यांकन में मनमानी की।
प्रैक्टिकल में भी कर दिया था खेल
ऐसा ही ‘खेल’ रसायन विज्ञान के प्रैक्टिकल में भी कर दिया था। इसी सत्र 19 कालेजों के बीएससी रसायन विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा फर्जी परीक्षकों से करा दी थी। ये सभी प्राइवेट कालेज के थे। बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने इनके प्रैक्टिकल निरस्त कर दिए थे।