खंदारी कालोनी में अधिवक्ता प्रवीण गुलाटी की पत्नी रमा और बेटी दीक्षा की
हत्या उनके भतीजे गौरव ने ही की थी। बहन व पिता के अपमान की रंजिश में उसने
यह कदम उठाया। हत्या करने के बाद से फरार गौरव को पुलिस ने रविवार को
हिमाचल प्रदेश के कसौल गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में उसने जुर्म का
इकबाल भी किया है।
अधिवक्ता प्रवीण गुलाटी की पत्नी रमा और बेटी दीक्षा
की 23 जून को घर में ही हत्या कर दी गई थी। शक किसी करीबी पर था। जब प्रवीण
के छोटे भाई सुनील का बेटा गौरव गुलाटी (22) पर्यटन के बहाने लापता हुआ तो
शक के घेरे में आ गया। एसएसपी राजेश डी. मोदक के मुताबिक गौरव ने पूछताछ
में बताया कि तीन महीने पूर्व प्रवीण गुलाटी की बेटी निधि की शादी में
सुनील, गौरव और उसकी विवाहित बहन अंकिता भी शामिल हुई थी। उसके मुताबिक
वहीं ताई रमा की उसके पिता और बहन से किसी बात पर कहासुनी हो गई। रमा की
बातों से अंकिता रो पड़ी और उसके पिता भी खिन्न हुए। रिश्तेदारों के सामने
हुए पिता और बहन के अपमान पर वह ताई से रंजिश मान बैठा। तभी से बदला लेने
की फिराक में था।
घटना वाले दिन दोपहर 1:30 बजे वह खंदारी कालोनी गया।
मोड़ पर पेड़ के नीचे स्कूटर खड़ा करने के बाद वह पैदल ताऊ प्रवीण के घर
पहुंचा। रमा ने दरवाजा खोला। उसे पीने को फ्रूटी दी और रसोई में काम करने
लगीं। तभी गौरव ने घर में पड़ी रस्सी का टुकड़ा उठाया और किचन में जाकर
उनका गला घोटने लगा। रमा संघर्ष पर उतर आईं तो उसने उनके पेट में चाकू
घोंपा फिर सिर पर मार्बल के चकले से तब तक प्रहार किया जब तक उनकी मौत नहीं
हो गई। फिर इसी बीच चीख पड़ी दीक्षा को बाथरूम में ले गया और उसके भी सिर
पर प्रहार किए। बाहर से ताला लगा दिया। अपनी खून से सनी पैंट वहीं जलाने के
बाद वह निकर में ही घर से भाग निकला।