दयालबाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) की शोध छात्रा नेहा शर्मा की 15 मार्च 2013 को संस्थान की नैनो बायो टेक्नोलॉजी लैब में की गई हत्या के मामले में लंबी जांच के बाद सीबीआई ने चार्जशीट की तैयारी कर ली है। केस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अगले 20 दिन के भीतर आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया जा सकता है। इसमें एक या दो ही आरोपी रहेंगे। इसके बाद भी जांच जारी रहेगी। बाद में सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
नेहा शर्मा दिल्ली निवासी रक्षपाल शर्मा की बेटी थी। सीबीआई से पहले इस हत्याकांड की जांच आगरा पुलिस ने की थी। तब संस्थान के प्रमुख अधिकारी के रिश्तेदार उदय स्वरूप और उसके सहयोगी यशवीर सिंह संधू को जेल भेजा गया था। तीन महीने बाद जांच सीबीआई को ट्रांसफर की गई थी। लगभग दो साल की जांच के बाद सीबीआई के हाथ बड़ा सुबूत लगा। रेप के बिंदु पर परीक्षण को लिए गए सैंपल से उदय स्वरूप के डीएनए का मिलान हो गया था।
हालांकि मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई थी। इससे पहले फोरेंसिक परीक्षण में मौके से मिले बाल और उदय स्वरूप के बाल की मैचिंग रिपोर्ट भी पोजिटिव आई थी। इस पर सीबीआई ने चार्जशीट की तैयार की, लेकिन चार महीने पहले जांच अधिकारी राजा राजमर्थन्डर्न का ट्रांसफर हो गया।
जांच मिली एसपी टी. बालाराम को। केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मौका ए वारदात से चोरी किया गया नेहा का आईपैड बरामद होने के बाद चार्जशीट की तैयारी की गई। यह दो महीने पहले आगरा के शाह मार्केट से एक दुकान से बरामद किया गया था। इस बीच सीबीआई ने जांच के लिए कोर्ट से कुछ और समय मांगा था। अब बताया जा रहा है कि चार्जशीट लगभग तैयार हो चुकी है। इस पर विधिक राय ली जा रही है।
हालांकि आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद भी जांच जारी रहेगी। सीबीआई अभी तक यह मालूम नहीं कर पाई है कि नेहा का आईपैड किसने चुराया और दुकान तक कैसे पहुंचा? सीबीआई अधिकारी इस पर कुछ बताने के लिए तैयार नहीं हैं। उधर, दोनों हत्यारोपी जमानत पर जेल से बाहर हैं।
ढाई साल से चल रही जांच
नेहा शर्मा हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने दो महीने के भीतर कर दिया था। लेकिन सीबीआई की जांच को लगभग ढाई साल हो चुका है। शुरू में जांच एजेंसी ने कुछ तेजी दिखाई, लेकिन बाद में तफ्तीश बहुत धीमी गति से चली। इस लंबी अवधि में जांच एजेंसी ने कोई गिरफ्तारी नहीं की।