मथुरा में शनिवार को सुबह हुई पुलिस मुठभेड़ में घायल नीरज और राकेश उर्फ रंगा को जब जिला अस्पताल लाया गया तो उनके चेहरों पर मौत का खौफ साफ था। वो बार-बार डॉक्टरों से बस एक ही बात कह रहे थे कि साहब आप हमें बचा लो। नीरज की छाती में दो गोली लगी थीं। खून से लथपथ नीरज दर्द से कराह रहा था।
हत्याकांड का मुख्य आरोपी राकेश उर्फ रंगा के पैर में गोली लगी थी वहीं सिर में गंभीर चोटें थी। दोनों को आगरा रेफर कर दिया गया। बदमाशों के जिला अस्पताल लाए जाने की जानकारी पर बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच गए। यहां पहले से ही पुलिस बल तैनात था। भीड़ के दबाव के चलते पुलिस ने राकेश उर्फ रंगा को इमरजेंसी के पिछले दरवाजे से एंबुलेंस में आगरा भिजवाया।