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अंशु के शव को ठिकाने लगाना चाहते थे सुनील

Tue, 18 Apr 2017 12:45 AM IST
अंशु के शव को ठिकाने लगाना चाहते थे सुनील
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अंशु के शव को ठिकाने लगाना चाहते थे सुनील - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दवा कारोबारी सुनील राजपाल ने पत्नी अंशु की हत्या सुबह साढ़े दस बजे तक  करदी थी। समय का उल्लेख उनके सुसाइड नोट में है। उन्होंने खुदकुशी शाम को साढ़े चार बजे के बाद की। साढ़े चार बजे तक उन्हें घर में देखा गया था। इस बीच वह पत्नी के शव के साथ घर में रहे। उनका इरादा शव को कहीं ठिकाने लगाने का था। इसके लिए तैयारी भी कर ली थी। जब खुद को नाकाम पाया तो अपनी जान दे दी। ऐसा मौका ए वारदात को देखने के बाद पुलिस का अनुमान है।
अंशु की हत्या सिर पर ईंट मारकर की गई। खून बहने लगा तो इसे रोकने के लिए तकिया रख दिया। बेडरूम में खून से सना तकिया भी मिला है। इसके बाद शव को चादर में लपेट दिया। इसे बेड से उतार भी लिया। हत्या बेड पर की थी। वहां खून की बूंद मिली हैं। शव फर्श पर मिला। इससे माना जा रहा है कि हत्या के बाद शव को उतारा गया होगा।
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पुलिस का मानना है कि सुनील शायद रात होने का इंतजार कर रहे होंगे लेकिन ज्यादा इंतजार नहीं कर पाए। यह आसान नहीं था। मेडिकल स्टोर पर काफी ग्राहक आ रहे थे।
कर्मचारी बार-बार सुनील के पास जा रहे थे। उनसे कह रहे थे कि स्टोर पर आ जाओ। वह झूठ बोलते रहे कि तबीयत खराब है। एक कर्मचारी ने कहा कि डाक्टर साहब को दिखा लो तो उसे डाटकर भगा दिया। बोले, तबियत ज्यादा खराब नहीं है, तुम काम देखो, मैं थोड़ी देर में आता हूं। उधर, मोबाइल पर कॉल पर कॉल आए जा रही थी। अंशु के बुटीक पर महिलाएं आ रहीं थी। पुलिस का मानना है कि इन सबके चलते उन्हें लगा होगा कि इरादे में कामयाब नहीं हो पाएंगे। इसके बाद सुसाइड कर लिया।
अंशु का मोबाइल फोन नहीं मिला
अंशु का मोबाइल फोन नहीं मिला है। यह स्विच्ड आफ आ रहा है। माना जा रहा है कि सुनील ने इसे स्विच्ड आफ कर कहीं पर छिपा दिया होगा।
ब्रेकफास्ट के बाद हुआ झगड़ा
किचन देखकर लगता है कि सुबह ब्रेकफास्ट बनाया गया। दोनों ने इसे खाया। बर्तन साफ नहीं हुए थे। माना जा रहा है कि झगड़ा इसी के बाद हुआ।

हाईप्रोफाइल फैमिली में वारदात से जयपुर हाउस सन्न
आगरा। डा. वीके राजपाल के खानदान की गिनती शहर के प्रतिष्ठित परिवारों में होती है। परिवार के सदस्यों की अपनी खास पहचान है। सुनील बड़े दवा कारोबारी थे। अंशु के बुटीक पर भी काफी महिलाएं आती थीं। दोनों का फ्रेंड सर्किल भी बड़ा था। जयपुर हाउस के लोग वारदात के बारे में सुनकर सन्न रह गए। लोगों को एकाएक तो यकीन नहीं हुआ कि इतने प्रतिष्ठित परिवार में इस तरह की घटना हो सकती है।
तीन भाइयों में डा. राजपाल सबसे बड़े हैं। उनका बेटा अमेरिका मीनेश अमेरिका में बड़ा डाक्टर है। बेटी रवीना चीन से एमबीबीएस कर रही है। उसका इस बार फाइनल ईयर है। छोटे भाई सुशील दिल्ली में बड़े इंजीनियर हैं। उनका बड़ा नाम है।
उनका बेटा वैभव कुवैत में जॉब करता है। दूसरा बेटा अनुभव ताइवान में जॉब करता है। सुनील राजपाल का दवा का बड़ा काम था। संभव उनकी इकलौती संतान है। उसने होटल मैनेजमेंट का कोर्स न्यूजीलैंड से किया है। हाल ही में गुड़गांव में जॉब लगी है।
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परिवार के सदस्य कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हैं। धार्मिक आयोजनों में भी इनका योगदान रहता है। खुद भी बड़े आयोजन करते हैं। कभी किसी के जन्म दिन की पार्टी तो कभी शादी की सालगिरह की।

 
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