शहर के ईदगाह में सोमवार रात हुआ बवाल शुरू में ही कंट्रोल किया जा सकता था लेकिन थानों में फोर्स न होने के चलते हालात बिगड़ते गए। नामनेर में शराब के ठेके पर पथराव की सूचना पर पुलिस पहुंची तो सही लेकिन सिपाही गिनती के थे। इसके बाद अफसर आए लेकिन उनके पास भी फोर्स नहीं थी। यही वजह रही कि बवाल देर तक चला। इसकेबाद बलवाइयों को पकड़ने की कोशिश भी नहीं की गई।
सोनू जाटव की मौत की सूचना पर पुलिस पहले उसके घर पहुंची। इसी बीच कुछ युवक ईदगाह मैदान में बवाल करने जा चुके थे। फोर्स कम होने के चलते मैदान में फोर्स नहीं गई। यहां गाड़ियों में तोड़फोड़ और दुकानों में आगजनी चलती रही।
बाद में अधिकारियों के आने पर फोर्स का इंतजाम किया गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मंगाई गईं। दमकल ने आग पर काबू पाया। इसके साथ ही यूपी 100 की दस गाड़ियां पहुंच गईं। थोड़ी ही देर में एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह, एसपी सिटी सुशील घुले, सीओ सदर असीम चौधरी, सीओ छत्ता बीएस त्यागी पहुंचे। तब तक बलवाई दूर जा चुके थे। फोर्स की कमी के चलते उनकी तलाश भी नहीं की जा चुकी। पुलिस ने हालात सामान्य करने के लिए पैदल मार्च किया। लोगों ने बताया कि बलवाई पूरी तरह बेखौफ थे। उन्होंने लाठी-डंडे ले रखे थे। थोड़ी ही देर में आग लगाने का सामान ले आए।
दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरे
आगरा। ईदगाह में बवाल के बाद आस-पास के बाजारों की दुकानें बंद हो गई। थोड़ी ही दूर में मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। लोग घरों में दुबक गए। बाद में पुलिस के पहुंचने पर लोग बाहर आए। वहां भीड़ जमा हो गई। बलवाइयों के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा था।
भाजपा नेताओं ने किए अफसरों को फोन
आगरा। युवक की मौत पर पुलिस के पास सबसे ज्यादा फोन भाजपा नेताओं के आए। उन्होंने बताया कि दलित युवक की हत्या की गई है। इस पर पुलिस ने साफ किया कि मामला हत्या का नहीं है। इसकी अफवाह उड़ाई गई है।
खुद गाड़ी चलाकर पहुंचे सीओ एलआईयू
फोर्स के चुनाव ड्यूटी में चले जाने के चलते अफसरों को भी परेशानी आ रही है। बवाल की सूचना पर सीओ एलआईयू सत्यम कुमार खुद गाड़ी चलाकर मौके पर पहुंचे। उनके ड्राइवर की भी चुनाव ड्यूटी लगी है। सीओ सदर असीम चौधरी के पास कोई हमराह नहीं बचा है। ड्राइवर भी नहीं है। वह एक होमगार्ड के साथ पहुंचे। गाड़ी होमगार्ड ने चलाई। सीओ छत्ता बीएस त्यागी का भी यही हाल है। इंस्पेक्टर और एसओ के पास सिर्फ ड्राइवर बचे हैं।