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बालक की मोंगरी से पीट-पीटकर हत्या

Tue, 02 Feb 2016 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा/बाह
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चित्राहाट के गांव नगला सुरई में दस साल के बृजमोहन की मोंगरी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसका आरोप उसकी भाभी सपना पर है। उसके खिलाफ  दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया गया है कि वह जमीन के बंटवारे की जिद पर अड़ी थी। इच्छा पूरी न होने पर खुन्नस में खून से हाथ रंग लिए। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
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दिल दहला देने वाली यह वारदात सोमवार सुबह सात बजे की है। किसान फूल सिंह के छोटे बेटे बृजमोहन का खून से लथपथ शव चारपाई पर पड़ा देख घर में कोहराम मच गया। उसके नाक, मुंह और गर्दन पर चोट के निशान थे। पास ही खून लगी मोंगरी पड़ी थी। फूल सिंह और उनकी पत्नी गुड्डी कातिल की तलाश में लगे ही थे कि सपना की साड़ी पर खून के छींटे लगे मिल गए। सपना, फूल सिंह के बड़े बेटे रवि (19) की पत्नी है। फूल सिंह के नाम पांच बीघा जमीन है। सपना का मायका इटावा के नेवरपुर में है। रवि से उसकी शादी पिछले साल अप्रैल में हुई थी। आरोप है कि वह शादी के कुछ दिन बाद से ही जमीन का बंटवारा रवि और बृजमोहन के बीच करने की कहने लगी। सास-ससुर इसके खिलाफ थे। इस पर कई बार झगड़ा हुआ। उसने दो माह पहले सास गुड्डी से मारपीट कर धमकी दी थी कि अगर जमीन नहीं बांटी गई तो वह बृजमोहन की जान ले लेगी। बृजमोहन की हत्या होते ही शक उस पर गया। उसकी साड़ी पर खून देखकर शक पुख्ता हो गया। पूछताछ में उसने कहा कि दो युवक आए थे और उसकी हत्या कर चले गए। जब सख्ती की गई तो वह भाग गई। इससे उस पर यकीन हो गया। मृतक के मामा बृजेश ने चित्राहाट थाने में सपना के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करायी है।
मासूम को अकेला मिलते ही ले ले ली जान
सपना की धमकी के बाद गुड्डी बृजमोहन को अपने पास सुलाती थी। सपना, खाने में जहर न दे दे, इस डर से वह उसे भोजन भी खुद ही बनाकर खिलाती थी। सोमवार को अकेला मिलते ही उसकी हत्या कर दी गई। गुड्डी उसे चारपाई पर छोड़कर सुबह पांच बजे पशुओं का चारा लेने चली गई थी। सात बजे लौटी, तो जिगर के टुकड़े की लाश मिली। वह फतेहपुरा के जीएसएम स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था।
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परिवार से अलग रहना चाहती थी सपना
सपना ने शादी के बाद ही जिद पकड़ ली थी कि वह परिवार से अलग रवि के साथ रहेगी। वह जमीन के बंटवारे के लिए कई बार झगड़ा कर चुकी थी। दो महीने पहले मायके चली गयी थी। इसी साल एक जनवरी को रवि और उसका मामा हरी सिंह उसे लेकर घर पर आये थे। फिर दोनों दिल्ली में हलवाई की दुकान पर काम करने चले गए। घटना की जानकारी होने पर दोनों शाम को घर पहुंचे।
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