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सभ्ाी बलवाई फरार, दो महिलाएं गिरफ्तार

Tue, 02 Feb 2016 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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आलमगंज के सैयदपाड़ा में रविवार रात जमीन के विवाद में अलीशेर और अशफाक पक्ष के बीच हुए पथराव और फायरिंग मामले में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। एक जावेद के चाचा रईस ने दर्ज कराया है। जावेद की बलवाइयों ने सीने में गोली मारकर हत्या कर दी थी। दूसरा केस इंस्पेक्टर लोहामंडी ने पुलिस पर हमले का दर्ज कराया है। दोनों में कुल मिलाकर 22 लोग नामजद हैं और 25 अज्ञात। लेकिन गिरफ्तारी सिर्फ दो महिलाओं की हो पाई है।
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पहली चूक तो यह रही कि बवाल की सूचना पर पुलिस देरी से पहुंची। इससे बलवाइयों के नाम-पता मिलने में देरी हुई। दूसरा, उनकी तलाश में दबिश तब दी गई, जब सभी घर छोड़कर जा चुके थे। इस कारण उनके रिश्तेदारों के नाम-पते भी नहीं मिल पाए। तीसरा, गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन भी देरी से हुआ।
नतीजतन नामजद आरोपियों में से एक भी नहीं पकड़ा गया। जो दो महिलाएं पकड़ी हैं,वे पुलिस की ओर से दर्ज केस में आरोपी हैं। उन्हें नामजद नहीं किया गया था। नामजद आरोपियों में 10 के घर पर ताले लटके हैं। ये लोग रविवार रात ही भाग गए थे। इन परिवारों की महिलाएं सोमवार को चली गई।
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इनके अलावा बाकी आरोपियों के घर सिर्फ महिलाएं बची हैं। सीओ लोहामंडी राजेंद्र यादव का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उधर, जावेद का शव का सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम किया गया। शाम को उसका शव कड़ी सुरक्षा के बीच सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। इलाके में तनाव के मद्देनजर पुलिस-पीएसी तैनात है।
जावेद की हत्या में छह नामजद
आगरा। बवाल के दौरान वहां से गुजर रहे जावेद (26) की हत्या कर दी गई थी। उसके चाचा रईस ने हाजी अशफाक, इरशाद, बिल्लू,  धल्ला, बहादुर उर्फ इमरान, फुरकान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। 15 से 25 आरोपी अज्ञात बताए गए हैं।
पुलिस पर हमले में 16 आरोपी
इंस्पेक्टर लोहामंडी ने पुलिस पर जानलेवा हमले का केस दर्ज कराया है। इसमेें अलीशेर, बाला, लाला, चंदा, जमशेद, इमरान, सलमा, हाजी अशफाक, फुरकान, फतेह, फारुख, बिल्लू, डल्ला, बहादुर, गुलफाम, जलेखान को नामजद किया गया है। इनमें से कोई नहीं पकड़ा गया। पुलिस ने अशफाक की पत्नी  गुलजार और बेटी समायरा को गिरफ्तार किया है। इन पर भी हमले का आरोप है।
इंस्पेक्टर लोहामंडी लाइन हाजिर
सैयदपाड़ा कांड पुलिस की लापरवाही का नतीजा रहा। संपत्ति के इस विवाद की जानकारी होने के बावजूद दोनों पक्षों को मुचलकों में पाबंद नहीं किया गया। दूसरा, बवाल के बाद पुलिस बहुत देरी से पहुंची। इसकी गाज लोहामंडी थाना के इंस्पेक्टर एसपी सिंह यादव पर गिरी। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। उनकी जगह हरेंद्र पाल को चार्ज दिया गया है।
करोड़ों की संपत्ति का निकला विवाद
बवाल के बाद पुलिस को बताया गया था कि यह विवाद 200 वर्ग गज के प्लॉट का है। लेकिन जानकारी करने पर पता चला कि जमीन हजारों वर्ग गज है। इसकी कीमत करोड़ों रुपये में है। इस पर पहले भी झगड़ा हो चुका है। एक बार प्रशासन ने इस भूमि को कुर्क भी किया था। अलीशेर और अशफाक इस पर अपना दावा जता रहे हैं।
जूता कारीगर था जावेद
बवाल के दौरान मारा गया जावेद जूता कारीगर था। साथ ही पशुओं का व्यापार भी करता था। वह अपने चार भाइयों और दो बहनों में दूसरे नंबर का था। उसके दो बच्चों में बेटा अदीब आठ माह का है। बेटी इदरा ढाई साल की है।
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