पुलिस और पीएसी में सिपाही भर्ती के लिए पुलिस लाइन में चल रही शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़) में शुक्रवार को दो और मुन्ना भाइयों को दौड़ लगाने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों ही अपने दोस्तों की जगह दौड़ लगाने के लिए आए थे। उनके खिलाफ थाना नाई की मंडी में मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे पहले दो युवक गिरफ्तार किए गए थे। वे अपने भाइयों की जगह दौड़ लगाने आए थे।
शुक्रवार को पकड़े गए आरोपियों में एक पुष्पेंद्र सिंह निवासी टप्पल, अलीगढ़ और दूसरा योगेश कुमार निवासी गांव बसोली, गोंडा, अलीगढ़ है। पुष्पेंद्र सिंह बसेरा जट्टारी, थाना पिसाबा, अलीगढ़ के हरवेंद्र सिंह की जगह तो योगेश कुमार गोंडा, अलीगढ़ के पवन कुमार की जगह पर दौड़ लगाने आया था। इन्होंने दौड़ लगाने से पहले अपने प्रवेश पत्र और पहचान पत्र दिया। टेक्निकल टीम ने प्रमाण पत्रों की जांच कंप्यूटर में फीड डाटा से की तो भिन्नता पाई गई। इस पर दोनों को पकड़ लिया गया। उनके खिलाफ थाना नाई की मंडी में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
60 हजार में दोस्त तो 12 मई को अपने लिए दौड़ता
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि योगेश ने अपने दोस्त पवन कुमार से दौड़ लगाने के लिए 60 हजार रुपये में सौदा किया था। इसके लिए कुछ रकम एडवांस में भी ले रखी थी। उसने भी सिपाही भर्ती के लिए आवेदन कर रखा था। जिसके लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा 12 मई को है। वह बीए का छात्र है। उसे उम्मीद थी कि वह अपनी और दोस्त की दौड़ पूरी कर लेगा। मगर, उससे पहले ही पकड़ लिया गया। अब उसे अपनी करनी पर पछतावा भी था।
मंगलवार को भी पकड़े गए थे दो मुन्ना भाई
बता दें, गत मंगलवार को भी दो मुन्ना भाई पकडे़ गए थे। एटा के अजय यादव की जगह उसका भाई विजय और अलीगढ़ के ऊधम के स्थान पर उसका भाई राहुल आया था। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की गई थी।
...कहीं गिरोह तो नहीं सक्रिय
पुलिस भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा की दौड़ में चार मुन्ना भाई पकड़े जा चुके हैं। ऐसे मेें आशंका जताई जा रही कि दौड़ में पास कराने वाला एक गिरोह सक्रिय हो गया है। जो अच्छी खासी रकम लेने के बाद अभ्यर्थियों को पास कराने का ठेका ले रहा है।