आगरा के सेवला स्थित एसएस पब्लिक स्कूल के कक्षा नौ के छात्र ककुआ गांव निवासी आसिफ खान (15) की हत्या उसी के गांव के 10वीं के छात्र ने महज 40 रुपये के लिए की थी। पुलिस का दावा है कि उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है।
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उसने पूछताछ में घटनाक्रम के एक एक बिंदु को बताया है। उसे गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने उसे पेश किया जाएगा। वारदात दो फरवरी को हुई थी। आसिफ की हत्या उसी की स्कूल बेल्ट से गला घोंटकर की गई थी।
वह ककुआ स्थित घर से पास के भाहई गांव में कोचिंग के लिए जा रहा था। उसका शव ककुआ-भाहई के बीच नाले के पास सरसों के खेत में मिला था। पुलिस ने आसिफ के मोबाइल की कॉल डिटेल चेक की तो इसमें दो फरवरी को एक ही नंबर से दो कॉल मिलीं।
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एक कॉल सुबह सात बजे की गई थी। दूसरी वारदात से कुछ समय पहले। इसकी आईडी निकलवाई तो गांव के ही दसवीं में पढ़ने वाले किसान के बेटे की मिली। उसकी उम्र 18 साल से कुछ कम बताई गई है।
पुलिस ने हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की तो घटना का खुलासा हो गया। एसपी पश्चिम अखिलेश नारायण ने बताया कि कुछ दिन पहले दसवीं के छात्र ने आसिफ से कहा था कि वह सस्ते दाम में मोबाइल, चिप, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड दिला सकता है।
आसिफ ने अपने मोबाइल के लिए उससे पेन ड्राइव देने के लिए कहा। यह 100 रुपये कीमत का था लेकिन दसवीं के छात्र ने उसे 40 रुपये में देने के लिए कहा। आसिफ ने 40 रुपये दे दिए लेकिन उस छात्र ने कई दिनों तक न तो मेमोरी कार्ड दिया और न ही 40 रुपये दिए। इस पर आसिफ ने कई बार तगादा किया।
इसके बाद दोनों में जिद हो गई थी। आसिफ 40 रुपये वापस लेने पर अड़ा था। दसवीं का छात्र पैसा हड़पने में। आसिफ ने बार बार तगादा किया तो दसवीं का छात्र गुस्से में आ गया और उसकी हत्या की साजिश रच दी। उसे फोन करके बुलाया और हत्या कर दी।
पहले हाथ से गला दबाया, फिर बेल्ट से
पुलिस ने हत्यारोपी छात्र से हुई पूछताछ के हवाले से बताया है कि उसने आसिफ को फोन करके ट्यूबवेल के पास बुलाया था। वहां एक ही ट्यूबवेल है। आसिफ उससे मिलने के लिए कोचिंग जाने का रास्ता बदलकर पहुंचा था।
उसने देखा कि उसकी साइकिल खड़ी है। वह खेत के अंदर था। उसने आसिफ को अंदर ही बुला लिया। हत्या की तैयारी पहले से थी। आसिफ के नजदीक आते ही हाथ से उसका गला दबा दिया। उसकी मौत हो जाने के बाद उसी की बेल्ट उतारकर फिर उससे गला दबाया। इसके बाद वह भाग निकला।
पुलिस के लिए इस केस का खुलासा करना बहुत मुश्किल नहीं रहा। हालांकि दसवीं के छात्र के हाथ आने से पहले पांच और छात्रों को पुलिस की सख्ती से की गई पूछताछ से गुजरना पड़ा।
इनमें से एक छात्र वह भी है जो रोज आसिफ के साथ कोचिंग के लिए जाता था। सबसे पहले उसी को उठाया गया था। दसवीं के इस छात्र की जानकारी आसिफ के मोबाइल की कॉल डिटेल में हत्या वाले दिन उसके नंबर मिलने से हुई।
आसिफ की हत्या में गिरफ्तार किया गया दसवीं का छात्र एक साल पहले चोरी में जेल जा चुका है। जमानत पर बाहर आते ही उसके परिवारीजनों ने उसे रिश्तेदारी में गुजरात भेज दिया था।
अब लगा कि वह सुधर गया होगा तो उसे बुला लिया। उसने आते ही यह संगीन वारदात कर डाली। उसकी मंगलवार से दसवीं की परीक्षा है।