आगरा के सिपाही सतीश यादव की हत्या का मुख्य आरोपी और 15 हजार का इनामी जफर उर्फ सानू शनिवार शाम को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया। झरना नाला के जंगल में हुई मुठभेड़ में उसके बाएं पैर की जांघ में गोली लगी। पुलिस ने उसे एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया है। सिपाही की हत्या के बाद वह दिल्ली भाग गया था। उसके तीन साथी आठ अगस्त को पकड़े गए थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार झरना नाला के जंगल में शाम तकरीबन 5:30 बजे बदमाशों के छिपे होने की जानकारी पर कार्रवाई की गई। थाना न्यू आगरा इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार और एत्माद्दौला के इंस्पेक्टर हुकुम सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और दो बदमाशों को घेर लिया। बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। छह राउंड फायर किए। पुलिस की ओर से भी पांच से छह राउंड फायरिंग की गई।
आधा घंटे तक चली मुठभेड़ में एक बदमाश को गोली लगी, जबकि उसका साथी भाग निकला। पकड़ा गया बदमाश जफर उर्फ सानू निवासी नवी शाह की दरगाह के पास, बोदला सराय निकला।
बाटला हाउस में मिली थी लोकेशन
एनकाउंटर
बता दें कि पुलिस को जफर की लोकेशन दिल्ली के बाटला हाउस में मिली थी। एक टीम दिल्ली भी गई। मगर, बाटला हाउस में नहीं घुस सकी। इसके बाद से जफर का पता नहीं चल सका। एसएसपी दिनेश चंद्र दुबे ने बताया कि जफर पर आईजी की ओर से 15 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
चार पुलिसकर्मी घायल
एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
जफर 29 जुलाई को सिपाही सतीश यादव की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी है। जफर के फरार साथी के बारे में अधिकारी कुछ बता नहीं सके। पुलिस जफर के उपचार के बाद फरार साथी के बारे में पूछताछ करेगी।
मुठभेड़ में फाउंड्री नगर चौकी इंचार्ज अरुण कुमार और थाना एत्माद्दौला इंस्पेक्टर के दो हमराही घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार को आईजी मुथा अशोक जैन ने जफर पर 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया था।
एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में एक बदमाश को गोली लगी है। यह सिपाही सतीश यादव की हत्या में शामिल था। उसका एक साथी भागने में सफल रहा। उसकी तलाश की जा रही है।