महंत बाल मुकुंद शरण शास्त्री का फाइल फोटो
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वृंदावन से लापता महंत बाल मुकुंद शरण शास्त्री की हत्या कर दी गई। 24 दिन बाद इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब थाना मांट क्षेत्र में मिले शव की शिनाख्त महंत के रूप में हुई। वहीं महंत के कार चालक का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
अटल्ला चुंगी चौराहा स्थित गोपाल बाग आश्रम के महंत बाल मुकुंद शरण शास्त्री 12 जून से लापता थे। वो अपने कार चालक के साथ निकले थे। वहीं 13 जून को मांट क्षेत्र में एक साधु का शव मिला, जिसकी शिनाख्त के लिए थाना पुलिस ने पोस्टर जारी किए थे।
शव की फोटो से महंत के भाई रामवीर, भतीजे विपनेश व उनके पैतृक गांव बदायूं जिले के बसई गांव के कई लोगों ने बाल मुकुंद शरण के रूप में की है। वहीं पुलिस अब महंत के कार चालक नौहझील के गांव गढ़ी कोलाहार निवासी उमेश पाठक की तलाश में लगी है।
कार चालक पर हत्या का शक
परिजनों का आरोप है कि अपहरण के बाद महंत की हत्या हुई है। कार चालक पर हत्या करने का शक जताया जा रहा है। चालक के साथ और किन लोगों की इस मामले में संलिप्तता है। इसके लिए फिर से पुलिस कई क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार का कहना है कि मांट पुलिस को मिले एक साधुवेश धारी के शव की पहचान महंत मुकुंद शरण शास्त्री के रूप में कर ली है। इस मामले में अब चालक, डस्टर गाड़ी और बंदूक की तलाश की जा रही है।
अटल्ला चुंगी के निकट गोशाला नगर स्थित हरेराम हरेकृष्ण आश्रम के महंत से हुए विवाद में पुलिस ने एक माह पूर्व शांति भंग के मामले में चालक उमेश पाठक को कार्रवाई की थी। तब इसने पुलिस को अपना पता हरेराम हरेकृष्ण आश्रम का दर्ज कराया था।
मांट पुलिस को 13 जून को मिले साधुवेशधारी शव की पहचान बीस दिन के बाद महंत के छोटे भाई रामवीर व भतीजा विपनेश द्वारा की गई। इस पर वृंदावन पुलिस ने इस मामले से जुड़े सभी तथ्य और रिपोर्ट मांट पुलिस को दी है। मृतक के भाई और पुलिस ने महंत के ड्राइवर उमेश पाठक और उसके साथी पर हत्या करने का शक जताया है।
कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार का कहना है कि मामले की जांच अब मांट पुलिस करेगी। वहां धारा 302 और 201 में मुकदमा दर्ज है। जो हमें इनपुट मिलेगा वह हम मांट पुलिस से शेयर करेंगे।