आगरा के फाउंड्री नगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में फर्जीवाड़ा कर खाते खोलकर मदरसा विद्यार्थियों की 40 लाख की छात्रवृत्ति घोटाला के खुलासे के बाद प्रशासन सख्त हो गया है।
जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने छात्रवृत्ति लेने वाले सभी मदरसों की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए एसीएम के नेतृत्व में पांच टीमें गठित की जा रही हैं। ये टीमें जल्द जांच कर अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगी।
बता दें कि पुलिस ने शनिवार को आरोपी एक मदरसा संचालक को गिरफ्तार किया था। दूसरे आरोपी मदरसा संचालक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मदरसा संचालकों ने ग्राहक सेवा केंद्र के संचालकों और बैंक कर्मियों की मिलीभगत से यह घोटाला किया था।
एक मदरसा संचालक गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए शहजाद ने पुलिस को बताया कि उसके दो मदरसे बोदला में हैं। उसके मदरसों में तकरीबन 300 बच्चे हैं। जबकि उसके साथी रुस्तम के शाहगंज क्षेत्र में तीन मदरसे हैं।
फर्जी तरीके से खाते खोलने के लिए एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक नितिन चौहान और बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक रवींद्र शर्मा से संपर्क किया था। दोनों ने प्रत्येक खाता खोलने के लिए एक-एक हजार रुपये लिए थे।
मदरसा के शैक्षणिक सत्र 2016-2017 के विद्यार्थियों की किसी कागजात, आईडी प्रूफ के बिना नितिन ने खाते खोल लिए थे। इसके बाद मदरसा संचालकों ने स्वयं अल्पसंख्यक विभाग की वेबसाइट पर खातों की जानकारी अपलोड कर दी थी।
40 लाख रुपए हड़पे थे
बाद में दोनों मदरसा संचालकों ने जिला अल्पसंख्यक , समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से डमी बच्चों का सत्यापन कराकर छात्रवृत्ति के तकरीबन 40 लाख रुपये हड़प लिए थे। इस मामले में बैंक कर्मी सहित पांच आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। अब सभी मदरसों की जांच की तैयारी है।
जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने बताया कि छात्रवृत्ति लेने वाले सभी मदरसों की जांच के लिए पांच टीमें गठित की जा रही हैं। जल्द ही ये अपनी रिपोर्ट देंगी।