एत्मादपुर पालिकाध्यक्ष बीना धनगर ने पालिका कार्यालय में तैनात लेखाकार की जमकर पिटाई कर दी। इससे वह घायल हो गए। घटना से गुस्साए सभासदों ने पालिका परिसर में प्रदर्शन किया। घायल लेखाकार ने पालिकाध्यक्ष सहित चार लोगों के खिलाफ पिटाई करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कराया है।
पालिका लेखाकार रामनिवास शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शुक्रवार की शाम कार्यालय बंद कर सभासद हरेंद्र वशिष्ठ, चंद्रप्रताप बघेल, राकेश मौर्य, प्रेमसिंह पिप्पल, अरविंद बघेल के साथ वह अपने घर जा रहे थे। पालिका के गेट पर पहुंचते ही पालिकाध्यक्ष बीना धनगर, उनके पति विजेंद्र सिंह और दो अज्ञात व्यक्तियों ने आकर उन्हें रोक लिया। उन्होंने कार्यालय व अलमारी की चाबी मांगी। मना करने पर चारों ने लाठी-डंडो से पीटना शुरू कर दिया। बाद में चाबी छीनकर कार्यालय की अलमारी में रखी दो सरकारी खातों की चेकबुक और 15-20 फाइलें निकालकर ले गए। बाद में राहगीर राकेश बघेल, देवेंद्र बघेल, बनवारीलाल बघेल व सभासदों ने उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। लेखाकार की तहरीर पर पुलिस ने पालिकाध्यक्ष बीना धनगर, उनके पति विजेंद्र सिंह व दो अज्ञात के खिलाफ धारा 323, 353 व 332 के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया है। घटना से आक्रोशित सभासदों ने पालिका परिसर में पहुंचकर जमकर हंगामा किया। उन्होंने लेखाकार के साथ हुए अमानवीय बर्ताव को निंदनीय बताते हुए पालिकाध्यक्ष के कृत्यों की निंदा करते हुए पुलिस से गिरफ्तारी की मांग की है। इस संबंध में थाना प्रभारी ब्रह्म सिंह का कहना है कि मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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हमारी किसी के साथ कोई लड़ाई नहीं है और न किसी से कोई बात हुई है। यह सब विरोधियों की साजिश है। जो लेखाकार के साथ मिलकर फिजूल के आरोप लगवा रहे हैं।
- बीना धनगर, पालिकाध्यक्ष एत्मादपुर
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लखनऊ गया सभासदों का प्रतिनिधिमंडल
एत्मादपुर। पालिकाध्यक्ष की मनमानी, सरकारी धन के दुरुपयोग और लेखाकार की पिटाई सहित कई मामलों को लेकर 22 सदस्यीय सभासदों का प्रतिनिधिमंडल रविवार को लखनऊ रवाना हो गया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य चंद्रप्रताप बघेल, राकेश मौर्य, प्रेमसिंह पिप्पल, केशव दत्त निमेश, देवेंद्र बघेल आदि ने बताया कि पालिकाध्यक्ष ने जनकल्याण के लिए आए सरकारी धन का उपयोग निजी कार्यों में किया है। तमाम शिकायतों को लेकर एक माह पूर्व मंडलायुक्त को शिकायती पत्र सौंपा गया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण अब सभासद लखनऊ पहुंचकर नगर विकास मंत्री आजम खां से मामले की शिकायत कर पालिकाध्यक्ष के वित्तीय अधिकार सीज कराने और कार्यों की जांच कराने की मांग करेंगे।