आगरा के थाना ताजगंज क्षेत्र से गुरुवार रात को अगवा किए हार्डवेयर कारोबारी पवन गुप्ता 36 घंटे में अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त हो गए। पुलिस का दावा है कि घेराबंदी के बाद अपहरणकर्ताओं ने शनिवार को दबाव में उन्हें छोड़ दिया। कारोबारी की सकुशल बरामदगी से परिवार में खुशी का माहौल है। पुलिस अपहरणकर्ताओं को नहीं पकड़ सकी है। गैंग की धरपकड़ के लिए टीम लगी है।
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पार्श्वनाथ पंचवटी कॉलोनी निवासी कारोबारी पवन गुप्ता पुत्र रामकैलाश को अपहरणकर्ता शनिवार सुबह नौ बजे गांव पलटुआपुरा के पास छोड़कर चले गए। यह गांव थाना निबोहरा क्षेत्र में राजाखेड़ा रोड पर पड़ता है। पवन गुप्ता ने एक राहगीर की मदद से शमसाबाद में अपने परिजनों को सूचना दी। जानकारी पर परिजन और पुलिस पहुंच गई।
पुलिस ने कारोबारी को शहीद नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पवन गुप्ता की बरामदगी से परिवार में खुशी का माहौल है। उधर, पुलिस के हाथ अपहरणकर्ता नहीं आए हैं। पुलिस उनकी घेराबंदी के प्रयास में लगी है। जिस अर्टिगा से कारोबारी को अगवा किया, उसको गुरुवार रात को मथुरा के फरह में रोकने का प्रयास किया गया था। मगर, पुलिस की गाड़ी में टक्कर मारकर अपहरणकर्ता भाग गए थे।
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अपहरण के वक्त हुई थी हाथापाई
हालांकि, इस कार में पकड़ नहीं थी। इससे यही अंदाजा लगाया जा रहा था कि कारोबारी को दूसरे वाहन में शिफ्ट करने के बाद अर्टिगा को इस तरफ लाया गया है। सीओ सदर विकास जायसवाल ने बताया कि कारोबारी को मुक्त करा लिया गया है। अपहरणकर्ता पुलिस के घेराबंदी करने पर दबाव में आ गए थे। अब अपहरणकर्ताओं की तलाश की जा रही है।
बीहड़ में ले जाने की थी तैयारी
निबोहरा क्षेत्र के गांव पलटुआपुरा से ही राजाखेड़ा, राजस्थान जाने का रास्ता है। इससे अंदाजा लाया जा रहा है गैंग ने पवन गुप्ता को राजस्थान की सीमा पार कराने की तैयारी कर रखी थी। एक बार राजस्थान की सीमा में जाने के बाद कारोबारी को मुक्त कराना आसान नहीं होता। गैंग बीहड़ में ले जाकर पकड़ को रखता है।
मगर, पुलिस ने अपहरण के बाद से अपहरणकर्ताओं की घेराबंदी कर ली थी। जिले की सीमा पर भी पुलिस को चौकस कर दिया था। यही वजह थी कि अपहरणकर्ता सीमापार नहीं कर सके। गैंग को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम धौलपुर पुलिस के संपर्क में है। कई जगह दबिश भी दी गई है। वहीं, कार मालिक राज बहादुर के बारे में भी पता किया जा रहा है।
कारोबारी पवन गुप्ता ने अपहरणकर्ताओं से बचने के लिए काफी प्रयास किया था। इस पर बदमाशों ने उनके सिर पर प्रहार भी किया। तमंचे की बट से भी मारा। वह घायल हो गए। जब भी वह शोर मचाते, उनके चांटे मारते थे। रास्ते में पीटते रहे।
उन्हें खाने के लिए भी कुछ नहीं दिया। जंगल में ले जाकर एक कोठरी में रख दिया था। दो लोग उनकी निगरानी कर रहे थे। उनकी शर्ट भी नहीं थी। कारोबारी अपहरण के बाद से सोये नहीं है। अस्पताल में जब डाक्टर ने चेकअप किया तो कई जगह चोट बताई।