कासगंज में गंजडुंडवारा के गांव बहरोनपुर में रविवार को अपहरण किए गए बच्चों की हत्या सिर कुचलकर की गई थी। मंगलवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने इस बात का खुलासा किया। पोस्टमार्टम में बच्चों के चेहरे और शरीर पर चोटों के निशान भी हैं। मंगलवार को दो चिकित्सकों के पैनल ने बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई।
विज्ञापन
दोनों बच्चों के शव सोमवार की देर रात गांव के किनारे पड़े मिले थे। दोनों मासूमों का रविवार को अज्ञात बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। प्रथम दृष्टया दोनों बच्चों की हत्या गला दबाकर किए जाने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि मंगलवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चों की मौत का कारण सिर की चोटों को बताया गया है।
गौरतलब है कि गांव बहरोनपुर निवासी अमित (8) पुत्र रामपाल और सचिन (7) पुत्र बाबूराम को रविवार दोपहर गांव के ही प्राथमिक विद्यालय के नजदीक खेल रहे थे। तभी दोनों को अगवा कर लिया। सोमवार रात दोनों के शव गांव गांव ढकरई में घूरे के नीचे दबे मिले। मंगलवार दोपहर तकरीबन दो बजे बच्चों के शव पोस्टमार्टम के बाद बहोरनपुर गांव पहुंचे तो पहले से गमगीन माहौल चीत्कार में बदल गया।
विज्ञापन
रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
परिजन आपा खो बैठे और लाड़लों के शव लेकर सड़क पर बैठ गए। आक्रोशित परिजन और ग्रामीण पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। परिजनों का कहना था कि रात में शव बरामद होने के बाद भी परिजनों को शव नहीं देखने दिए गए। परिजनों ने कहा कि बच्चों के अपहरण के बाद ही पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की अन्यथा दोनों बच्चे आज जिंदा होते।
इस पर एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी, एडीएम राकेश कुमार सिंह, एसडीएम धीरेंद्र कुमार और सीओ करमवीर सिंह ने हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद जाम खुल सका।
इधर, दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में हर आंख नम नजर आ रही थी। देर शाम गमगीन माहौल में दोनों बच्चों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक ही परिवार के दो चचेरे भाईयों की जघन्य हत्या ने हर किसी को हिला दिया। अमित और सचिन की मां बार बार चीत्कार करके यही सवाल उठा रहीं थीं। वहीं मां और परिवारीजन न्याय मांग रहे थे कि हमें न्याय मिलना चाहिए और हत्यारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बहोरनपुर से अपहृत दोनों भाइयों की हत्या की गुत्थी बेहद उलझी हुई है। घटना के बाद गांव में डाले गए पर्चों से पड़ोसी गांव ढकरई में दो गुटों के बीच चल रही रंजिश के मामले से हत्या के तार जुड़े हो सकते हैं। पुलिस पर्चों के आधार पर गुत्थी को सुलझाने का प्रयास कर रही है। मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अपहरण की घटना के बाद सोमवार सुबह बहोरनपुर के खेतों की ओर जा रहे चकरोड पर एक स्थान पर हस्त लिखित छह पर्चे मिले थे। इन सभी पर्चों में बच्चों के शव ढकरई के स्कूल के पास हत्या कर दबाने की बात लिखी थी। इस पर पुलिस ने उक्त स्थान पर जांच की लेकिन शव बरामद नहीं हो सके।
इस पर पुलिस ने पर्चों को खारिज कर दिया और माना गया कि भ्रमित करने के लिए पर्चे फेंके गए। हालांकि सोमवार रात आठ बजे एक बाइक सवार नकाबपोश बहोरनपुर आया और शिवा नाम के बालक को पर्चा थमाकर भाग गया। शिवा ने अन्य ग्रामीणों को पर्चा दिया तो उस पर बच्चों के शव ढकरई गांव में उदयवीर के घेर में दबे होने और घटना के लिए ढकरई के धर्मेंद्र, उदयवीर और रिंकू को जिम्मेदार बताया गया।
मृत बच्चों के घर लगी लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
घटना की जानकारी परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस को दी। सोमवार देर रात पुलिस ने उक्त स्थान पर तलाश की तो बच्चों के शव पड़े मिले। उदयवीर का घेर पर्चों पर अंकित पहले वाले स्थान के ही निकट था। पत्र में बताए स्थान पर बच्चों के शव मिलने के बाद पुलिस को हत्या में गहरी साजिश नजर आ रही है।
मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। संभावना जताई जा रही है कि ढकरई गांव में दो गुटों के बीच की रंजिश से हत्या के तार जुड़े हो सकते हैं। पटियाली के सीओ करमवीर सिंह ने कहा कि बच्चों की हत्या के तार ढकरई गांव की रंजिश की घटना से जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि होली के समय से गांव के दो पक्षों में रंजिश है। हो सकता है कि रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया हो।
कासगंज के डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस टीम गठित की गईं हैं। ढकरई की रंजिश के मामले की भी जांच की जा रही है। बरामद पर्चे भी जांच के दायरे में हैं। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। शीघ्र ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।