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दुराचारी के परिवार का सामाजिक बहिष्कार 

Mon, 29 Aug 2016 12:40 AM IST
दुराचारी के परिवार का सामाजिक बहिष्कार 
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दुराचारी के परिवार का सामाजिक बहिष्कार  - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कागारोल में 11 माह की मासूम बच्ची के साथ रेप किए जाने के मामले में रविवार को 30 गांवों की सर्वजातीय महापंचायत की गई। पंचों ने जेल जा चुके आरोपी 16 वर्षीय किशोर के परिवार का सामाजिक बहिष्कार किए जाने का फरमान पुलिस की मौजूदगी में सुनाया। सख्त लहजे में चेतावनी दी कि  उसके परिवार के किसी सदस्य से बात करने वाले को उसके बराबर ही गुनहगार माना जाएगा। उसका हुक्का-पानी भी बंद कर दिया जाएगा। इन्हें खाने-पीने तक का सामान भी कोई दुकानदार न दे, नहीं तो उस पर भी कार्रवाई होगी।
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कागारौल के मंदिर ग्राउंड पर सुबह 10 बजे महापंचायत शुरू हुई। इससे चार दिन पहले भी गांव की एक पंचायत हो चुकी थी, उसमें आरोपी के परिवार का हुक्का पानी बंद किया गया था। इस बार पूरे क्षेत्र में सामाजिक बहिष्कार कराने के लिए महापंचायत बुलाई गई। पंचायत ने एक सुर में घटना की निंदा करते हुए फैसला सुनाया कि  आरोपी के परिवार की आर्थिक और सामाजिक मदद नहीं की जाएगी। पंचों ने अधिवक्ताओं से अपील की है कि जेल में बंद आरोपी को किसी भी तरह की कानूनी मदद न दी जाए, जिससे उसे जल्द से जल्द और सख्त सजा मिल सके। 
हाकिम सिंह चौधरी ने कहा कि आरोपी के साथ उसका परिवार भी बराबर का दोषी है। मुकेश सिंह ने कहा समाज में कानून के डर के साथ सामाजिक बहिष्कार का डर भी होना चाहिए तभी ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है। धन सिंह ने कहा संस्कारों की कमी से इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं।
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महापंचायत की अध्यक्षता पूरन मंगल ने और संचालन शिवकुमार उपाध्याय ने किया। देवपाल सोलंकी, मलखान सिंह,  जवाहर सिंह, धनवीर सिंह, अशोक लवानियां, विष्णु चाहर, सीपी सिंह, अरविंद चाहर, मेघराज सिंह, राजेश प्रधान,  मोहन सिंह, कुबेर सिंह मौजूद रहे। बता दें, महापंचायत का एलान पहले ही कर दिया गया था। इसके चलते पुलिस भी पंचायत में मौजूद रही। तमाम फरमान पुलिस की मौजूदगी में ही सुनाए गए।

बंद रहा बाजार 
पंचायत में शामिल होने के लिए दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। जो दुकानें खुली मिलीं, उन्हें पंचायत के आयोजकों ने बंद करा दिया।
मनचलों पर नजर रखेगी कमेटी
अवारा किस्म के युवकों पर नजर रखने के लिए पंचायत ने 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया। छेड़छाड़ की शिकायतों पर कमेटी के सदस्य कानूनी कार्रवाई करेंगे।
गांव छोड़ गया आरोपी का परिवार
11 माह की बच्ची के साथ दुराचार की घटना 20 अगस्त को हुई थी। आरोप उसी की बिरादरी के 12 वीं कक्षा पास कर चुके किशोर पर लगा। उसेे जेल भेजा जा चुका है। गांव का गुस्सा देख उसका परिवार घर पर ताला लगाकर रिश्तेदारी में चला गया है।

छात्राओं को मोबाइल फोन न दिया जाए  
कागारौल। बड़ा मंदिर में आयोजित पंचायत में दुराचार के आरोपी के परिवार के सामाजिक बहिष्कार के अलावा एक  अटपटा प्रस्ताव भी रखा गया। कई वक्ताओं ने कहा कि लड़के-लड़कियों के बिगड़ने की वजह मोबाइल फोन हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल-कालेज जाने वाली लड़कियों को मोबाइल फोन न दिया जाए । इसके बाद कई वक्ताओं ने लड़कों को भी फोन न दिए जाने पर जोर दिया। बाद में कहा गया कि अगर बहुत जरूरी हो तो सस्ता सा ऐसा फोन दिया जाए जिसमें नेट की सुविधा न हो। केवल बात की जा सके। हालांकि पंचायत ने इस प्रस्ताव पर निर्णय नहीं लिया। लेकिन अभिभावकों से अपील की कि वे खास तौर से लड़कियों को मोबाइल फोन न दें। एक प्रस्ताव दुराचार के आरोपी के परिवार को आर्थिक दंड दिए जाने का भी था, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन पाई।
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