चर्चित नेहा हत्याकांड में जांच लगभग पूरी हो जाने के बावजूद चार्जशीट दाखिल करने में देरी पर देरी किए जा रही सीबीआई को अब एक और बहाना मिल गया है। इस केस के जांच अधिकारी आईपीएस राजा राज मथंडरन अपने मूल काडर असम में पहुंच गए हैं। उन्होंने दो साल लंबी जांच के बाद अब जाकर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी शुरू की थी। उनकी जगह अब एसपी टी. बाला राजा को जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्हें 100 पेज से ज्यादा की जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने में काफी वक्त लग सकता है। इसके चलते आरोप पत्र में भी अब काफी देरी होगी।
15 मार्च 2013 को हुए इस हत्याकांड की जांच रिपोर्ट पर शहर भर की नजर लगी है। सवाल यह है कि सीबीआई की चार्जशीट में मुल्जिम किसे बनाया जाता है। पुलिस ने अपनी जांच के बाद उदय स्वरूप और यशवीर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन दोनों को जमानत मिल गई।
इसके बाद सीबीआई की जांच को दो साल हो गए, लेकिन अभी तक आरोप पत्र की दिशा में कदम नहीं बढ़ पाए हैं। इस बीच डीएनए परीक्षण में उदय स्वरूप के खिलाफ सुबूत मिल चुके हैं। केस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राजा राज मंथडरन चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रहे थे। सीबीआई सूत्रों का भी यही कहना था कि उदय स्वरूप के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य उन्होंने जुटा लिए। लेकिन चार्जशीट दाखिल होने से ऐन पहले जांच उनके हाथ से एसपी टी बाला राम के पास चली गई। जांच रिपोर्ट 100 से ज्यादा पेज की बताई गई है। एसपी बाला राम अब दो साल से चल रही इस जांच का अध्ययन करेंगे। इसके बाद ही चार्जशीट पर निर्णय ले पाएंगे।
उधर, नेहा का परिवार इस देरी से बहुत दुखी है। नेहा के पिता रक्षकपाल शर्मा दिल्ली में सीबीआई ऑफिस के चक्कर लगा लगाकर थक चुके हैं। उधर, हत्या के दोनों आरोपी जमानत पर जेल से बाहर हैं।
कब उठेगा परदा?
- सीबीआई की चार्जशीट से ही पता चलेगा कि नेहा की हत्या में कितने लोग शामिल रहे?
- यह भी रहस्य बना है कि नेहा की हत्या का मकसद क्या रहा?
- सीबीआई को बताना है कि नेहा के साथ रेप हुआ था या नहीं।