केंद्रीय हिंदी संस्थान (केएचएस) में कथित बीफ पार्टी के मुख्य कर्ताधर्ता बताए जा रहे छात्र के तार दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े हैं। उसका संपर्क वहां राष्ट्रविरोधी नारेबाजी प्रकरण से जुड़े कुछ छात्रों से भी है। ये संबंध और गोकशी विरोधी विहिप नेता की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन वाले दिन कथित बीफ पार्टी के फोटो का वायरल होना, किसी गहरी साजिश की तरफ इशारा कर रहे हैं।
खुफिया सूत्र इसे भावनाएं भड़काने की कोशिश की तरह देख रहे हैं। जिस वक्त संसद और विधानसभा के सत्र चल रहे हों, ऐसे मामले को प्रचारित किया जाना भी योजनाबद्ध लगता है। केसरिया रंग के कपड़े पर मांस रखना, इसके साथ फोटो कराना और बाद में इसका वाट्सएप ग्रुपों तक पहुंचना, उसी योजना की कड़ी दिखती है। दीवार पर लिखे वे अक्षर जिनसे बीफ का संकेत मिले, को लिखना और विक्ट्री साइन दिखाना अनायास नहीं लगता।
सूत्रों की मानें तो केएचएस में कथित बीफ पार्टी का मुख्य आरोपी जेएनयू के कुछ विदेशी छात्रों से मिलने लगभग हर छुट्टी में दिल्ली जाता है। इन्हीं मित्रों के माध्यम से वह जेएनयू प्रकरण से जुड़े कुछ छात्रों से भी मिलता था। इस वक्त भी उसके दिल्ली में ही होने की आशंका जताई जा रही है। ताजा मामले के बाद इसने भी अपना फेसबुक एकाउंट डिलीट कर लिया। बता दें, इस एकाउंट पर इसने बीती जनवरी में हुई ऐसी ही दावत की तैयारी के फोटो डाल रखे थे। रविवार को जब उसके मोबाइल नंबर पर संपर्क साधने की कोशिश की गई तो पहले तो उसने कॉल रिसीव नहीं की। बाद में फोन कवरेज क्षेत्र से बाहर बताने लगा।
करीबियों ने भी बनाई दूरी
कथित बीफ पार्टी के सूत्रधार रहे छात्र से उसके करीबी रहे स्थानीय लोगों ने भी दूरी बना ली है। मामले के तूल पकड़ने से वे घबरा गए हैं। स्थिति यह है कि ये करीबी भी किसी की कॉल रिसीव नहीं कर रहे।