विधायक निधि से सार्वजनिक स्थलों पर रखी जाने वाली पानी की टंकी का प्लेटफार्म शाहगंज में शुक्रवार शाम मासूम पृथ्वी (10) का काल बन गया। सबमर्सिबल पंप के लिए ड्रिल मशीन से चल रही खोदाई के कारण उसकी धमक से जर्जर प्लेटफार्म वहां खेल रहे बच्चे पर गिर पड़ा। मलबे में दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इससे बस्ती के लोगों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई।
शाहगंज में बारह खंभा स्थित सेवा का नगला निवासी लक्ष्मीनारायण सिंह का 10 वर्षीय बेटा पृथ्वी और मोहल्ले के राधा, मोनू और सुमित शाम करीब सात बजे पानी की टंकी के कंक्रीट के प्लेटफार्म के पास खेल रहे थे। टंकी के पास ही उदयभान सिंह के यहां सबमर्सिबल पंप के लिए ड्रिल मशीन से खोदाई का काम चल रहा था। पृथ्वी खेलते हुए प्लेटफार्म के स्लैब के नीचे आ गया। इसी बीच बोरिंग के लिए चलाई जा रही बोगी को खाली करने के लिए मजदूरों ने जमीन पर पटक दिया। इसकी धमक से पानी की टंकी की स्लैब पृथ्वी के ऊपर आ गिरी और वह इसके नीचे दब गया। साथ खेल रहे अन्य बच्चे चीखते हुए भाग निकले। आसपास के लोग बच्चे को बचाने को दौड़ पड़े। लक्ष्मीनारायण भी पहुंचे। बच्चे को लहूलुहान हालत में बाहर निकाला गया। परिवारीजन उसे डाक्टर के यहां लेकर पहुंचे, जहां मृत घोषित कर दिया गया। इकलौते बेटे की मौत पर घर में कोहराम मच गया। पृथ्वी दो बहनों में छोटा था। सूचना मिलने पर शाहगंज थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
हादसे से लोगों में आक्रोश है। उनका कहना था कि सबमर्सिबल खराब होने के बाद सार्वजनिक स्थल पर रखी पानी की टंकी को दो साल पहले कोई उठा ले गया था। तब से टंकी का प्लेटफार्म खाली पड़ा था। घटिया निर्माण सामग्री के कारण प्लेटफार्म जर्जर हो चुका था। क्षेत्रीय लोगाें का कहना है कि बिना अनुमति संकरी गली में सबमर्सिबल की बोरिंग कराई जा रही है। बोरिंग के दौरान निकलने वाली सिल्ट भी गली में डाली जा रही है। इससे पूरी गली ब्लॉक हो गई है। लोगों का कहना है कि बोगी की धमक की वजह से जर्जर प्लेटफार्म गिरा।
छलनी कर रहे धरती का सीना
जल संस्थान द्वारा पानी की सप्लाई न कर पाने की स्थिति में अधिकांश लोगों ने अपने घरों में सबमर्सिबल लगवा रखे हैं। इनमें से अधिकतर सबमर्सिबल घरों के बाहर गलियोें में लगे हैं। मीठे पानी की तलाश में ड्रिल मशीन से गहरी-गहरी बोरिंग कराई गई हैं। यह बोरिंग बिना अनुमति के की जा रही हैं। जिसका जहां मन करता है, वहीं बोरिंग शुरू करा देता है। न तो आसपास के निर्माणों का ध्यान रखा जाता है और न ही उसकी गहराई का। इससे भूगर्भ जल का तो दोहन हो ही रहा है, हादसों का भी खतरा बढ़ गया है। शहर में सैकड़ों ड्रिल मशीनें भी बिना किसी अनुमति के संचालित हो रही हैं। इन पर भी किसी की नजर नहीं है।