आयकर सर्वे में अधिकारियों के धमकाने से सदमे में आए जूता कारोबारी मोतीलाल दौलतानी की ह्रदयाघात से मौत हो गई। आयकर विभाग की जांच शाखा ने शुक्रवार शाम को फतेहाबाद रोड स्थित वेलेंटिनो ब्रांड की जूता इकाई गुरुटेक शूज पर सर्वे किया था। शाम को ही कारोबारी की तबियत बिगड़ गई और रात में हास्पिटल में उनकी मौत हो गई। इससे कारोबारियों में आक्रोश फैल गया। सर्वे में कारोबारी पर दबाव डालने वाले आयकर अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।
जूता निर्यातक और घरेलू बाजार में वेलेंटिनो ब्रांड की जूता उत्पादक इकाई गुरुटेक शूज पर शुक्रवार को आयकर सर्वे किया गया था। शाम को कंपनी के मालिक मोतीलाल दौलतानी की तबियत बिगड़ गई। आयकर अधिकारियों ने उनकी तबियत खराब होने को बहाना माना और हास्पिटल भेजने में देरी कर दी। उनके बेटे को सर्वे से उनके साथ नहीं जाने दिया। मोतीलाल दौलतानी को पास के जग्गी नर्सिंग होम ले जाया गया, वहां से उन्हें लोटस हास्पिटल भेज दिया गया। रात में ही उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मौत की खबर पाकर भी असंवेदनशील आयकर अधिकारी इसे बहाना बताते रहे। फतेहाबाद रोड के शोरूम से उनके बेटे को भी नहीं जाने दिया। सर्वे के दौरान कारोबारी को धमकाने, दुर्व्यवहार की रिकार्डिंग भी जब्त कर आयकर अधिकारी ले गए। सुबह 3:30 बजे सर्वे खत्म किया गया।
‘आयकर सर्वे में हमारे साथ हद दर्जे की बदतमीजी और हाथापाई तक की गई। यह उत्पीड़न का मामला है, जिससे पिताजी को सदमा लगा है। हम लोग संस्कार करने के बाद कार्रवाई करेंगे। उत्पीड़न के खिलाफ चुप नहीं रहेंगे’
चंद्रप्रकाश दौलतानी (पुत्र)
न्यायिक जांच की मांग
75 वर्षीय कारोबारी मोतीलाल दौलतानी की मौत से कारोबार जगत में आक्रोश फैल गया। आगरा के उद्योग और व्यापारिक संगठनों ने न्यायिक जांच की मांग की है। आगरा व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल और महामंत्री गागन दास रामानी ने आरोप लगाया कि यह आयकर अधिकारियों के टार्चर का सबूत है। मामले की न्यायिक जांच की जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही हो।
आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चरर्स एक्सपोर्टर चेंबर (एफमेक) अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि आयकर अधिकारी पूरे साल टैक्स बेस बढ़ाने में फेल रहते हैं। मार्च में अनावश्यक दबाव डालकर उन्हीं को परेशान करते हैं, जो करदाता हैं। यह बेहद गंभीर मामला है, इसे हर स्तर पर उठाया जाएगा। आगरा के उद्यमी अब यह सहने वाले नहीं है। अफसरों के ऐसे काम से सरकार की छवि भी खराब हो रही है।
जबरा मारे, रोने भी न दें
यह पहला मौका नहीं है, जब आयकर अधिकारियों ने सर्वे में उत्पीड़न और दबाव डाला हो। इससे पहले भी आधा दर्जन जूता निर्यातकों पर आयकर अधिकारी ऐसे ही आरोपों के घेरे में आ चुके हैं। जबरन सरेंडर कराने के लिए रात भर दबाव डालते रहे हैं। यही नहीं, गुप्ता ओवरसीज, विरोला शूज पर भी तीन-तीन दिन तक जबरन सरेंडर के लिए दबाव डाला गया। 31 मार्च से पहले टारगेट पूरे करने को बीते सालों में निर्यातकों, ज्वैलर्स का उत्पीड़न करने के आरोप लगते रहे, लेकिन यह पहला मौका है जब नोटबंदी के बाद टारगेट पहले ही पूरे हो गए, लेकिन इस बार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लक्ष्य पूरा करने के लिए जबरन सरेंडर का दबाव डाला गया और सदमे से कारोबारी की मौत हो गई।