मथुरा के मांट में एंटीकरप्शन की टीम ने बुधवार को एक लेखपाल को पांच हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। लेखपाल ने एक किसान से कुरा बंटवारा प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। मामले में आगरा और झांसी की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की है।
मांट के गांव भद्रवन निवासी ब्रह्म प्रकाश पाठक ने 16 जून को मांट तहसीलदार को अपने खेत की जमीन का कुरा बंटवारा प्रमाण पत्र बनवाने को प्रार्थना पत्र दिया था। इस प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट भद्रवन राजस्व लेखपाल देवीराम को लगानी थी। आरोप है कि जब किसान ब्रह्म प्रकाश पाठक ने उनसे रिपोर्ट लगाने की बात कही तो रिपोर्ट लगाने के लिए पैसे की मांग शुरू कर दी।
किसान ब्रह्मप्रकाश ने लेखपाल से पूछा कि आपको कितने रुपये चाहिए तो लेखपाल देवीराम ने 10 हजार रुपये मांगे। किसान ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से कर दी। एंटीकरप्शन ने लेखपाल को रंगे हाथ दबोचने का जाल बिछा दिया। एंटीकरप्शन टीम ने किसान ब्रह्म प्रकाश को पैसे लेकर लेखपाल के पास पहुंचने को कहा।
बुधवार दोपहर किसान ब्रह्म प्रकाश ने लेखपाल को फोन किया और कहा कि वह पैसे देने को तैयार है। लेखपाल से तहसील के बाहर मिलने को कहा। लेखपाल बाहर आया तो उसे पांच हजार रुपये दे दिए गए। इसी दौरान बाहर खड़ी आगरा और झांसी की एंटीकरप्शन की टीम ने लेखपाल देवीराम को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।