थाना जगदीशपुरा के नगला गूलर से चार साल के शिव के अपहरण की आरोपी अनीता ने पुलिस के सामने कई और राज उगले हैं। उसने बताया कि एक परिचित युवक ने धोखे से उस पर चार लाख का कर्ज करा दिया था। कर्ज चुकाने के लिए युवक के साथियों की बातों में आ गई थी। अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम में से उसे दस लाख रुपये देने का वादा किया था। अब उसे अपनी करनी पर अफसोस हो रहा है।
नगला गूलर, बोदला सराय निवासी मनोज के बेटे शिव का दो जून को अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने बुधवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके शिव को मुक्त करा लिया था। आरोपियों में दीपू जादौन (सारसौल, गभाना, अलीगढ़), सोनू (दहतोरा, सिकंदरा) और अनीता पत्नी महावीर (नगला गूलर, बोदला) थे। अनीता शिव की रिश्ते की मामी है। उसी ने अपहरण की योजना बनाई थी।
अनीता ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसकी सिकंदरा के एक युवक से जान पहचान थी। युवक ने कार खरीदने के लिए कुछ रुपये उधार मांगे थे। रुपये कुछ दिन बाद लौटाने की बात कही। अनीता ने अपने कंगन दे दिए। इस पर युवक ने कंगन गिरवीं रखकर फाइनेंस कंपनी से 60 हजार रुपये का अनीता के नाम पर लोन ले लिया। 40 हजार रुपये अनीता ने अपने खाते से निकालकर दिए।
इसके बाद भी युवक रुपयों की मांग करता रहा। 30 हजार रुपये और ले लिए। इसके बाद अनीता के नाम के प्लाट के कागज गिरवीं रखकर ढाई लाख रुपये सूदखोर से उधार लिए। इस बात की जानकारी अनीता को भी नहीं थी। कुछ दिन पहले फाइनेंस कंपनी का नोटिस आने पर अनीता को लोन लेने की जानकारी हुई। इस बारे में उसने अपने पति को नहीं बताया। कुंडल और अंगूठी बेचकर किश्त चुका दी।
इसके बाद कर्ज चुकाने के लिए युवक से कहने लगी। युवक के रिश्तेदार सोनू ने अनीता से कहा कि वह किसी बच्चे का अपहरण का दें तो सारा कर्ज चुक जाएगा। उसने लालच दिया कि चार लाख रुपये का कर्ज चुका देना। इसके अलावा भी छह लाख रुपये उसे मिल जाएंगे। अनीता उनकी बातों में आ गई। इसके बाद शिव के अपहरण की योजना बनाई। पुलिस ने आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।