शादी के बाद मायके वालों की मदद से अपने पैरों पर खड़ा होने की तैयारी कर रही विवाहिता के सामने ससुरालवालों ने शर्त रख दी है। उनका कहना है कि अब अगर बेटी को पढ़ाया तो वे उसे ससुराल नहीं ले जाएंगे। पढ़ाई में जो रुपया खर्च होगा वो हमें दहेज में दे दो।
बताया गया है कि मैनपुरी कोतवाली क्षेत्र के गांव ललूपुर निवासी देवेंद्र कुमार ने अपनी पुत्री शालिनी की शादी 14 फरवरी 2014 को निधौली रोड निवासी युवक से की थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति और ससुराली वाले दहेज में एक प्लाट और पांच लाख रुपये नकद देने की मांग करने लगे।
नहीं दिया तो उन्होंने शालिनी का शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करना शुरू कर दिया। मायके वालों का कहना है कि जब वह अगस्त 2017 में ससुरालवालों को समझाने गए तो उन्होंने किसी भी नहीं सुनी। बेटी मायके आ गई और यहां उसने अपनी पढ़ाई जारी रखी।