एक या दो नहीं, आधा दर्जन हुक्का बार खुल चुके हैं फतेहाबाद रोड पर। लाइसेंस एक के भी पास नहीं। फिर भी इनकी बहार आई है। हुक्के गुड़गुड़ाने वाले नशे का चस्का सैकड़ों युवाओं को लग चुका है। अब तो कान्वेंट स्कूल के छात्र भी इनमें जाने लगे हैं। अफसरों तक पूरी खबर है लेकिन चेकिंग तक नहीं की जा रही है।
हुक्का बार में घंटे के हिसाब से 250 से 400 रुपये तक वसूले जाते हैं। कहने को तो इन हुक्का बार या पार्लरों में फ्लेवर्ड तंबाकू वाला हुक्का उपलब्ध कराया जाता है लेकिन इसकी आड़ में विदेशी सैलानियों को भी कई प्रकाश के नशे का चस्का लगाया जा रहा है। इनमें जाने वाले दो युवकों की माने तो तंबाकू के नाम पर अन्य नशा भी परोसा जाता है। हुक्का बार के नाम क्लब, रेस्टोरेंट के नाम पर कर दिए गए हैं। तकरीबन एक साल पहले ताज व्यू तिराहे के नजदीक एक अपार्टमेंट में भी हुक्का पार्लर खोला गया था। अपार्टमेंट के बेसमेंट में चलने वाले इस पार्लर की गतिविधियों से वहां रह रहे लोग परेशान थे। इसके बाद लोगों के विरोध के कारण पुलिस को इसे सील करना पड़ा था। कुछ माह पहले कान्वेंट स्कूल के छात्र-छात्राएं भी फतेहाबाद रोड के ऐसे हुक्का बार में नशे की हालत में पकड़े गए थे। संजय प्लेस के एक अपार्टमेंट में भी इसी तरह का हुक्का पार्लर चल रहा है।
हुक्का बार के संबंध में मनोरंजन कर विभाग की ओर से कोई लाइसेंस जारी नहीं किया जाता है। यदि वहां कोई मनोरंजन (गीत संगीत) का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है तो मनोरंजन कर विभाग को बिना टैक्स अदा किए कार्यक्रम नहीं किया जा सकेगा। शहर में ऐसे रेस्टोरेंट, बार और हुक्का बार आदि की जांच कराई जाएगी।
पंकज कुमार, मनोरंजन कर अधिकारी
आबकारी विभाग की ओर से शहर में किसी भी हुक्का बार को कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। यदि कोई बार संचालित हो रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुकेश कुमार, आबकारी निरीक्षक