भगवान टाकीज स्थित पारस हास्पिटल में सोमवार दोपहर मरीज को डिस्चार्ज करने को लेकर तीमारदार और कर्मचारी भिड़ गए।
हाथरस के सासनी निवासी लाल सिंह ने बेटी श्वेता (12) को दिमागी बुखार होने पर पारस हास्पिटल में भर्ती कराया था। घरवालों का आरोप है कि बेटी को वेंटीलेटर पर रखा गया था। एक लाख खर्च होने के बावजूद उसकी हालत नहीं सुधरी। रविवार को डाक्टर से श्वेता को डिस्चार्ज करने को कहा, लेकिन उसे डिस्चार्ज नहीं किया गया। दो दिन में उसके ठीक होने का भरोसा दिलाया। सोमवार को श्वेता को उसकी मां देखने जा रही थी। मगर, कर्मचारियों ने उन्हें आईसीयू में घुसने नहीं दिया। उनसे अभद्रता कर दी। इस पर कर्मचारियों और तीमारदारों में मारपीट हो गई। उधर, हास्पिटल प्रबंधन का कहना था कि 75 हजार रुपये बिल था। इसमें से 25 हजार रुपये जमा कराए गए थे। बाकी के 50 हजार रुपये मांगने पर मरीज के परिवारीजनों ने हंगामा किया। सूचना पर पुलिस भी आ गई। एसओ न्यू आगरा थाना का कहना है कि परिवारीजनों ने किसी तरह की शिकायत नहीं की है।