जिला और सेंट्रल दोनों जेलों की दीवारें मानक से कम ऊंची
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मध्य प्रदेश और पंजाब में जेल ब्रेक की सनसनीखेज घटनाओं के बाद प्रदेश में भी तमाम जेलों की सुरक्षा की पड़ताल की जा रही है। फोकस जेल की दीवारों पर है। इनमें आगरा की जिला और सेंट्रल दोनों जेलों की दीवारों की ऊंचाई मानक से कम मिली है। दिक्कत यह है कि कारागार विभाग चाहकर भी इन्हें और ऊंचा नहीं कर पा रहा है। सेंट्रल जेल के पास जमीन नहीं है। जिला जेल में काम शुरू हुआ था लेकिन दीवार बनने से पहले विवाद की दीवार खड़ी हो गई। रेलवे ने जमीन पर अपना दावा ठोक दिया।
शासन ने तय किया है कि सभी जेलों की ऊंचाई कम से कम 6.7 मीटर होगी। इसी को ध्यान में रखकर पड़ताल की गई है। आगरा में दोनों जेलों की ऊंचाई इससे कम मिली है। जिला जेल की दीवार 4.70 मीटर ऊंची है। सेंट्रल की भी लगभग इतनी है। दोनों जेलों की दीवारें और ऊंची करने का प्रस्ताव पहले से ही चल रहा है। इसे मंजूरी भी मिल चुकी है।
जिला जेल में काम भी शुरू हुआ। कुल 1200 मीटर नई दीवार बनाई जानी है। इसमें से 900 मीटर बन चुकी है। इसके आगे काम रुक गया। क्योंकि जमीन पर रेलवे ने दावा ठोक दिया। प्रशासन भी इसे सुलझा नहीं पा रहा है। सेंट्रल जेल के संग दिक्कत यह है कि पुरानी दीवार जर्जर है। इसकी ऊंचाई बढ़ाने पर गिरने का खतरा है। नई के लिए जमीन नहीं। आस पास की जमीन दूसरे विभागों की है जो तैयार नहीं है। इनसे जेल प्रशासन की बात तो हुई लेकिन वे तैयार नहीं हुए।
जेलों में अब तीन दीवारें होंगी
आगरा। सभी जेलों में अभी तक दो दीवारें हैं। एक इनर वाल और दूसरी मेन वाल। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से शासन ने अब सभी जेलों में एक और दीवार बनवाने का निर्णय लिया है। इनर और मेन के बीच मिडिल वाल बनाई जाएगी। आगरा की दोनों जेलों में अभी तक दो ही दीवार हैं।
जिला जेल की दीवार बनाने का काम रेलवे की आपत्ति के चलते रुका है। इसके लिए शासन से पत्राचार किया जा रहा है
- राजीव शुक्ला अधीक्षक, जिला जेल