मथुरा के जवाहर बाग कांड में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की हत्या के समय मुख्य रामवृक्ष यादव के साथ रहे अमित सहित दो आरोपियों को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। जमानत मिलने के बाद मथुरा जेल से दोनों को रिहा कर दिया गया। इससे पहले भी हत्या में अन्य आरोपियों की हाईकोर्ट से जमानत हो गई है।
जवाहर बाग में हुए हत्याकांड में एक-एक करके कई आरोपियों की जमानत हो चुकी है। हाईकोर्ट द्वारा इस दौरान रामवृक्ष यादव के साथ रहे नामजद अभियुक्त कुशीनगर निवासी अमित को जमानत दे दी है। उसके साथ एक अन्य अभियुक्त कानपुर निवासी हरनाथ को भी जमानत मिली है।
आरोपी अमित ने मीडिया के सामने बताया था कि रामवृक्ष यादव को उनके सामने पुलिस लाइन में लाया गया था। मथुरा में बचाव पक्ष के अधिवक्ता एल के गौतम ने बताया कि दोनों को जमानत मिल गई है तथा मथुरा जेल से रिहा कर दिया गया है।
2 जून 2016 को हुआ था जवाहर बाग कांड
गौरतलब है कि मथुरा में करीब 106 एकड़ में फैले जवाहर बाग पर रामवृक्ष यादव और उसके सैकड़ों साथियों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। एक याचिका पर हाईकोर्ट ने शासन और जिला प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करते हुए जवाहर बाग को अतिक्रमण मुक्त कराने के आदेश दिए थे।
पुलिस प्रशासन ने 2 जून 2016 को जवाहर बाग को मुक्त कराने के लिए कब्जाधारियों पर कार्रवाई की था। इस दौरान कब्जाधारियों ने तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और फरह थानाध्यक्ष संतोष यादव की हत्या कर दी गई थी।
हिंसा में कई कब्जाधारी भी मारे गए थे। बड़ी तादाद में घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ हत्या, बलवा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, षड्यंत्र आदि की गंभीर धाराओं में नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी। आरोपियों में अमित और हरनाथ भी शामिल हैं।