जीआरपी के मुताबिक, विशाखापट्टनम से नई दिल्ली के लिए पांच
युवक-युवतियों ने स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के कोच एसी-2 में रविवार को
रिजर्वेशन कराया लेकिन वे आगरा कैंट स्टेशन पर उतर गए। प्लेटफार्म नंबर दो
पर तीनों युवतियों ने कुली कमरुद्दीन से सामान प्लेटफार्म नंबर एक पर
पहुंचवाया। तीनों युवतियों को लगेज के पास छोड़ दोनों युवक टैक्सी लेने
स्टेशन से बाहर चले आए। इसी बीच चेकिंग कर रहे जीआरपी सिपाहियों को उन पर
शक हुआ। थोड़ी देर बाद सिपाही लौटे तो युवतियां बैग छोड़कर जा चुकी थीं।
जीआरपी को सीसीटीवी फुटेज में उनके साथ दो युवक भी नजर आए लेकिन तलाश में
कोई नहीं मिला। इंस्पेक्टर देवेंद्र मिश्रा ने सामान के बारे में पूछताछ
की। लोगों ने बताया कि तीन युवतियां खड़ी थी, लेकिन वे सामान छोड़कर चली
गईं।
16-23 की उम्र के हैं तस्कर
जांच में पता चला कि सात जून
की सुबह दस बजे विशाखापट्टनम के किसी एजेंट ने टिकट कराया। यह टिकट तत्काल
में बना है। इसका फार्म नंबर सात है। जीआरपी ने इसका पीएनआर नंबर
6742208955 बताया है। इस टिकट पर तीन यात्रियों ने सीट नंबर 19, 20 और 21
पर यात्रा की। इनमें सुल्तान 16 वर्ष, गुड़िया 18 वर्ष और डस्टिव 23 साल
है। यह गाड़ी विशाखापट्टनम से नई दिल्ली के लिए आठ जून की सुबह साढ़े आठ
बजे चली, जिसे नौ जून को शाम 7.10 बजे दिल्ली पहुंचना था। मगर, 2.45 बजे
सभी तस्कर आगरा में उतर गए। बाकी के दो यात्रियों का टिकट जीआरपी के हाथ
नहीं लग पाया है। इस कारण उनके नाम पता नहीं चल सके।