किरावली के मोहल्ला लुहार गली में पिछले माह मृत महिला की लाश जिलाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को 44 दिन बाद कब्र से बाहर निकाली गई। पुलिस प्रशासन ने यह कार्रवाई महिला के मायके वालों की उस शिकायत के आधार पर की है जिसमें ससुरालीजनों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बता दें कि राजस्थान के जिला धौलपुर में थाना सैपऊ के गांव माकरा निवासी रज्जब खां पुत्र शौकीन खां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उनकी बहन रहीशन की शादी किरावली के मोहल्ला लुहार गली निवासी नवीशेर पुत्र एवज खां के साथ 14 फरवरी 2012 को की थी। आरोप लगाया था कि ससुरालीजन शुरू से ही दहेज की मांग करने लगे। रहीशन को दो बेटियां पैदा होने के बाद पुत्र न होने के कारण प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप लगाया कि दहेज के कारण ही दो सितंबर की रात रहीशन को जलाकर मार डाला। मायके वालों को बिना सूचना के ही दफना दिया गया। चौकी किरावली पुलिस ने महिला के भाई की तहरीर के आधार पर नवीशेर, एवज खां, खुनिया, शमशेर, रहीसा, सुनिल, के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी अजीत कुमार, सीओ विजय कुमार सिंह, नाइब तहसीलदार, रोहिताश कुमार, चेयरमैन जगदीश सिंह आदि अन्य लोगों की मौजूदगी में कब्र खोदकर शव बाहर निकाला गया। इसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
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समझाने पर नहीं माना भाई
किरावली। कब्र से लाश निकालने से पूर्व महिला के भाई चांद और रज्जब खां को लोगों ने काफी समझाया, पर वह नहीं माना। इसके बाद कब्र खोदकर लाश निकाली गई। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि यह सब पहली बार हुआ है। कब्र से लाश निकाला जाना ठीक नहीं है।