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हास्टल में छात्रा की लाश मिलने से सनसनी

Sun, 27 Dec 2015 02:08 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
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सिकंदरा के भाग्य नगर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ प्रोफेशनल स्टडीज (एनआईपीएस) की छात्रा अर्चना यादव (22) की शनिवार सुबह करीब 11 बजे हास्टल के कमरे में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। उसके साथ रहने वाली छात्राओं का कहना है कि उसने खुद को इंजेक्शन लगाया था, जिसके तुरंत बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। उधर उसके पिता भीमसेन का आरोप है कि उसकी बेटी की हत्या की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मूलरूप से एटा के सकीट निवासी भीम सेन यादव अरतौनी में एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड हैं। अर्चना दो वर्षीय एमबीए इन हास्पिटल मैनेजमेंट कोर्स में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। संस्थान के सामने ही सतेंद्र शर्मा का मकान है। इसी को किराए पर लेकर संस्थान ने हास्टल बना रखा है।
भीमसेन ने बताया कि उन्हें सुबह हास्टल से ही फोन पर सूचना दी गई कि अर्चना की तबीयत बिगड़ गई है। उसे एसआरके माल के पास स्थित पारस हास्पिटल ले जाया गया। वह यहीं पर नर्स के रूप में पार्ट टाइम जॉब करती थी। 12 बजे उसे खबर दी गई कि उसकी मृत्यु हो गई है। उसने आकर डाक्टर से पूछा तो बताया गया कि वह मृत अवस्था में यहां लाई गई थी।
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भीमसेन ने सिकंदरा थाना में शिकायत में बताया कि उसकी बेटी न ड्रग लेती थी, न बीमार थी और न ही ऐसी कोई बात थी कि वह सुसाइड करती। उन्होंने शुक्रवार को ही उसकी द्वितीय वर्ष की फीस जमा की थी। वह काफी खुश थी। उनका आरोप है कि उसे जहर का इंजेक्शन लगाकर मारा गया है। वजह का पता जांच पड़ताल से ही चल पाएगा।
होनहार थी अर्चना
अर्चना यादव पढ़ाई में होशियार थी। उसे फर्स्ट ईयर में 67 प्रतिशत अंक मिले। वह अपने चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। अपनी पढ़ाई का खर्च खुद निकालने के लिए पार्ट टाइम जॉब करती थी।

‘जानलेवा’ था इंजेक्शन
पुलिस ने उस इंजेक्शन की खाली शीशी जब्त कर ली है, जो अर्चना ने लगाया था। इसके बारे में डाक्टरों का कहना है कि इसका इस्तेमाल वेंटीलेटर पर रखे गए मरीज को कृत्रिम श्वांस देने के दौरान किया जाता है। अगर इसके अन्यथा इसका प्रयोग किया जाए तो श्वांस नली की मांसपेशियां काम करना बंद कर सकती हैं।

वर्जन
खुद को इंजेक्शन लगाते ही वह पेट में दर्द बताने लगी, उसे इंस्टीट्यूट के टीचर अस्पताल लेकर गए। - शशि प्रभा यादव ( रूम मेट )
उसने ब्रेकफास्ट लिया था, खुश नजर आ रही थी, इंजेक्शन लगाते ही उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई।  - बाबूराम ( हेडकुक, हॉस्टल )
डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा, वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी, इसकी रिपोर्ट से ही जांच की दिशा तय होगी। - हरिमोहन सिंह ( इंस्पेक्टर, सिकंदरा )
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टाइम लाइन
- सुबह 8:30 बजे हास्पिटल से हास्टल लौटी अर्चना
- सुबह 9:30 बजे हास्टल में ब्रेकफास्ट लिया
- सुबह 10:30 बजे खुद को इंजेक्शन लगाया
- सुबह 10:55 बजे उसे हास्पिटल ले जाया गया
- सुबह 11.00 बजे उसके पिता को सूचना दी गई
- दोपहर 12.00 बजे पिता को मौत की सूचना दी गई
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