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बड़ा अपराधी निकला फौजी का साथी

Sun, 27 Dec 2015 01:51 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
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आगरा-जयपुर हाईवे पर गांव कछपुरा के पास शुक्रवार सुबह फौजी मनोज कुमार के साथ गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतारा गया उसका साथी बड़ा अपराधी निकला है। पहले उसकी पहचान हरियाणा के गुड़गांव निवासी विष्णु शर्मा के रूप में हुई थी, जो गलत निकली। उसके मोबाइल से पुलिस ने सही शनाख्त की तो पता चला कि वह हरियाणा के ही महेंद्रगढ़ के कुख्यात डाक्टर गैंग का सक्रिय सदस्य था। उसके खिलाफ कई केस दर्ज चल रहे हैं। फिलहाल चौथ वसूली में फरार चल रहा था।
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फौजी की पहचान बुधवार को ही पुख्ता तौर पर हो गई थी। उसकी जेब से मिले सेना के आईकार्ड से पता चला था कि वह महेंद्रगढ़ के गांव जासावास का रहने वाला था और आर्मी में जम्मू के राजौरी में तैनात था। दूसरे मृतक की जेब से पर्ची मिली थी, जिस पर विष्णु शर्मा लिखा था। पता गुड़गांव का था।
इसके अलावा गाड़ी में एक ड्राइविंग लाइसेंस मिला था, यह भी विष्णु शर्मा के नाम से था। लेकिन उसके पते पर उसका नहीं, किसी और का परिवार मिला। इसके बाद उसके मोबाइल की फोनबुक से पुलिस ने फोन नंबर मिलाए तो उसके परिवार से संपर्क हो गया।
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पुलिस ने बताया कि वह महेंद्रगढ़ के थाना कनीना क्षेत्र गांव बवानिया का सर्वेश्वर यादव उर्फ निक्कू था। उधर, व्हाट्स एप पर आगरा पुलिस से मिले उसके फोटो के आधार पर महेंद्रगढ़ पुलिस ने भी उसकी पहचान कर ली। उसका अपराधिक रिकार्ड खंगाला गया। पता चला कि वह डाक्टर गैंग का सक्रिय सदस्य है।
इस गिरोह का सरगना कुलदीप जाट है, जो एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान अपराध की दुनिया में आया था। इसलिए उसे डा. कुलदीप कहा जाने लगा और बाद में उसके गिरोह नाम डाक्टर गैंग पड़ गया। गैंग का काम जमीन कब्जाना, चौथ वसूली करना, भाड़े पर हत्या करना बताया गया है। निक्कू के खिलाफ भी हाल ही में 25 लाख की चौथ वसूली का केस दर्ज हुआ था। वह इसमें वांटेड चल रहा था।
कुलदीप और चीकू पर घूम रही शक की सुई
आगरा। मनोज और निक्कू की हत्या में पुलिस के शक की सुई दो गिरोह पर घूम रही है। पहला है डाक्टर कुलदीप गैंग, जिसमें निक्कू काम करता था। दूसरा है, चीकू गिरोह, जिसकी डाक्टर गैंग से दुश्मनी चल रही है। ज्यादा संभावना इसी की मानी जा रही है कि उसे चीकू ने ठिकाने लगवा दिया। चीकू जेल में है लेकिन शूटरों के उसके पास कमी नहीं। हालांकि अभी कोई पुष्टि नहीं हो पाई है लेकिन पुलिस दोनों गिरोह के बदमाशों की ही तलाश कर रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो निक्कू की अपने गिरोह में भी बन नहीं रही थी। कई सदस्य उसके खिलाफ थे। वह हिसाब नहीं दे रहा था। दूसरा, चीकू गैंग के निशाने पर डाक्टर गिरोह के बदमाश हैं। दरअसल, दोनों गिरोह की रंजिश जातिगत आधार पर भी चल रही है। फिलहाल पुलिस का पूरा जोग दोनों गिरोह के जेल से बाहर चल रहे बदमाशों को पकड़ने पर है। इनसे पूछताछ में ही सही तस्वीर सामने आ पाएगी। माना जा रहा है कि फौजी सिर्फ इसलिए मारा गया क्योंकि  वह उसके साथ था।
चेतन की थी कार
- जिस कार से मनोज और निक्कू आए, वह महेंद्रगढ़ के ही चेतन की निकली है। पुलिस का कहना है कि चेतन भी डाक्टर गैंग का ही सदस्य है। उसकी तलाश की जा रही है।
बिहार से आए थे
मोबाइल लोकेशन से पता चला कि दोनों हरियाणा से बिहार गए थे। वहां से आगरा आए। बिहार के गया में आर्मी सप्लाई कोर (एएससी) का ऑफिस है। मनोज एएससी में ही था।
विष्णु शर्मा बना पहेली
पुलिस यह मालूम नहीं कर पाई है कि जिस विष्णु शर्मा का नाम निक्कू की डायरी में लिखा मिला, वह कौन है। उसके नाम का डीएल भी मिला था, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाली
पुलिस ने दूसरे दिन भी हाईवे के कौरई टोल प्लाजा से सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इसमें मनोज और निक्कू की स्विफ्ट वीडीआई कार के पीछे कई गाड़ियां नजर आ रही हैं।
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केस दर्ज कराया।
फतेहपुर सीकरी। मृतक फौजी मनोज के पिता सेना के रिटायर्ड कैप्टन रामौतार यादव की तहरीर पर थाना फतेहपुर सीकरी में अज्ञात में केस दर्ज किया गया है।
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