पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार बताए गए गांव भागुपुर की ठार निवासी दलित युवक विजयपाल (25) की एत्मादपुर थाना की हवालात में हुई मौत पर बुधवार रात से गुरुवार शाम तक चले बवाल के बाद सीओ और इंस्पेक्टर समेत 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या और एसएसी-एसटी एक्ट का केस दर्ज कर लिया गया। इनमें सीओ को छोड़कर नामजद सभी पांच पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए हैं। एत्मादपुर और आस-पास का इलाका पुलिस छावनी बना दिया गया है।
केस मृतक के भाई रामनरेश की तहरीर पर दर्ज केस में एत्मादपुर सीओ अखिलेश भदौरिया, थाना प्रभारी निरीक्षक राजा सिंह, एसएसआई शत्रुघ्न सिंह, दरोगा प्रदीप सैंगर, कांस्टेबल विवेक यादव और छलेसर चौकी इंचार्ज किशनस्वरूप पाल नामजद हैं। चार-पांच सिपाही अज्ञात हैं।
रामनरेश का कहना है कि एत्मादपुर बाजार से बुधवार रात 7:30 बजे उसके सामने ही पुलिस विजयपाल को पूछताछ के बहाने उठाकर ले गई थी। थाना में लाठी-डंडों और बेल्ट से की गई पिटाई से रात 12 बजे उसकी मौत हो गई। उधर इसका पता चलने पर पहुंचे भागुपुर के लोगों ने बुधवार की पूरी रात से लेकर गुरुवार की शाम तक कई बार बवाल किया।
पोस्टमार्टम के बाद मिला शव लेकर डीएम आवास जाने लगे। तब केस दर्ज किया गया। इसके बाद शव का दाह संस्कार कर दिया गया। इस मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। सीओ पर कार्रवाई का फैसला शासन स्तर से होगा।
--। विजयपाल को लुटेरों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया था। उसकी मौत अस्पताल ले जाते समय हुई है। मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जा रही है
- बबीता साहू (एसपी-वेस्ट)