छात्रा हर्षा रामवानी की हत्या को आत्महत्या बताकर फाइल बंद करने की तैयारी में लगी सिकंदरा थाना पुलिस को बड़ा झटका लगा है। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने पुलिस को न केवल गहराई से जांच करने की सख्त हिदायत दी है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि खुलासा पुख्ता सुबूतों के साथ करना होगा। उन्होंने पुलिस को यह भी निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवार से कुछ छुपाया न जाए।
इससे पहले हर्षा के माता-पिता सिंधी समाज के लोगों के साथ एसएसपी से उनके कार्यालय में मिले। उन्होंने कहा कि सिंकदरा पुलिस केस को सुसाइड बता रही है जबकि मामला साफ तौर पर हत्या का है।
हर्षा के पिता रतन रामवानी ने कहा कि पुलिस ठीक से जांच ही नहीं कर रही है। पहले तो एफआईआर के लिए ही तैयार नहीं थी। उन्होंने जोर डाला तो कह दिया कि तुम्हारी बेटी ने सुसाइड किया है।
उनके साथ पहुंची सपा नेत्री मोनिका नाज ने कहा कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने सुसाइड की वजह यह बताई है कि हर्षा की पहले एक युवक से दोस्ती थी। बाद में उससे ब्रेक अप हो गया और दूसरे युवक से फ्रेंडशिप कर ली। वह तनाव में थी। उन्होंने कहा कि यह वजह हत्या की भी तो हो सकती है। क्या ऐसा संभव नहीं है कि दोनों में से किसी युवक ने गुस्से में खून से हाथ रंग लिए हों।
सभी की सुनने के बाद एसएसपी ने कहा कि जांच तथ्यों के आधार पर होगी। मामला हत्या का निकले या आत्महत्या का, पुलिस इसके साक्ष्य पेश करेगी।
मैसेज नहीं दिखा पाई पुलिस
रतन रामवानी ने बताया कि पुलिस ने केस को सुसाइड साबित करने के लिए उनसे कहा कि हर्षा ने अपने एक दोस्त को फेसबुक पर मैसेज किया था, इसमें लिखा था कि वह आत्महत्या करना चाहती है। उन्होंने बताया कि जब पुलिस से वह मैसेज दिखाने के लिए कहा गया, तो साफ मना कर दिया। उनका दावा है कि पुलिस झूठ बोल रही थी। इससे पहले कहा था कि हर्षा को एक ग्रामीण ने रेलवे पटरी किनारे अकेले जाते देखा है, लेकिन उसका नाम नहीं बता पाई थी।