जगदीशपुरा क्षेत्र में नौ साल की बालिका से दुष्कर्म की कोशिश का आरोपी कभी पकड़ा नहीं जाता अगर बच्ची की 60 साल की दादी आवाज नहीं उठाती। वह न सिर्फ परिवार के फैसले के खिलाफ गईं, बल्कि थाने जाकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बच्ची की दादी की इस दिलेरी को देखकर पुलिस ने आरोपी अधेड़ को उसके घर से पकड़ लिया।
जगदीशपुरा क्षेत्र की नौ साल की बालिका की मां की मौत हो चुकी है। पिता ने दूसरी शादी कर ली है। वह उसे अपने साथ नहीं रखता। पोती की जिम्मेदारी दादी ने अपने सिर ले रखी है। बालिका एलकेजी की छात्रा है। उर्दू भी सीख रही है। । शुक्रवार दोपहर तीन बजे वह कोचिंग से लौट रही थी। तभी उसे रिश्तेदार अधेड़ मिल गया। वह उसे बहाने से अपने घर ले गया।
घर की छत पर उससे दुष्कर्म की कोशिश की। बालिका के शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। दो घंटे बाद डराकर उसे घर भेज दिया। दादी ने पोती के कपड़े अस्तव्यस्त देखकर उसे पूछताछ की तो उसने सारी घटना बताई। इस पर दादी ने अपने परिवार के लोगों को बता दिया। आरोपी अधेड़ के रिश्तेदार होने के कारण परिवार वालों ने बात यहीं पर खत्म करने को कहा लेकिन वृद्धा नहीं मानी।
शनिवार को फिर से शिकायत करने की सोची, लेकिन घरवालों ने जाने से रोक दिया। मोहल्ले के लोगों को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने वृद्धा का साथ दिया। रविवार को वह पोती को लेकर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को घर पर दबिश देकर पकड़ लिया।
वो और किसी की बच्ची से करता हैवानियत
वृद्धा का कहना था कि अगर वह चुप हो जाती तो आरोपी कभी पकड़ा नहीं जाता। वह किसी दिन मौका पाकर उसकी पोती को फिर से पकड़ सकता था। या किसी और बच्ची के साथ हैवानियत करता। इसलिए वह अकेले ही थाने तक आ गई।
आरोपी के घर में थी एक और बालिका
बालिका ने पुलिस को बयान में बताया कि जब वह अधेड़ के कमरे पर गई तो एक और बालिका थी। उससे भी उसने गलत हरकत की। मगर, उस बालिका के परिवारीजन बदनामी के डर के कारण पुलिस के पास तक नहीं गए। पुलिस इसकी भी पड़ताल कर रही है। आरोपी ने कितने बच्चों के साथ गलत हरकत की।