रोज-रोज छेड़छाड़ करने वालों पर जब पुलिस ने भी कार्रवाई नहीं की तो उस परेशान लड़की ने अपना ही जीवन खतम करने की ठान ली। उसने रविवार को केरोसिन डालकर आग लगा ली थी। 90 फीसदी झुलसी ये किशोरी अब आगरा के एक अस्पताल में जिंदगी की जंग से जूझ रही है।
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उसके घर में कोहराम मचा है, बाप बेटी की हालत देख दहाड़े मार रहा है लेकिन अभी तक किसी भी पुलिस अधिकारी ने न तो किशोरी का हाल जाना और न ही उसके परिवारवालों से कोई बात की है। किशोरी की अटकी सांसे अपने पिता और हर आने-जाने वाले से यही पूछ रही हैं कि उसे न्याय कब मिलेगा। उसके साथ छेड़छाड़ करने वाले अपराधी कब पकड़े जाएंगे।
बता दें कि शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मुहल्ले में रहने वाली इस 15 वर्षीय किशोरी से आसपास के ही दो युवक आए दिन छेड़छाड़ करते थे। बदनामी के डर से वह कई दिनों से खामोश थी। इससे लड़कों की हिम्मत बढ़ती जा रही थी। रविवार को लड़कों ने उसके साथ फिर छेड़छाड़ की तो किशोरी ने हिम्मत दिखाई और आए दिन की छेड़छाड़ करने वालों की शिकायत लेकर अपने पिता के साथ कोतवाली पहुंच गई।
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पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
उसने पूरा घटनाक्रम रो-रोकर पुलिस वालों को बताया लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की बजाए उसे टरका कर घर जाने को कह दिया। किशोरी को लगा कि जब पुलिस ही कार्रवाई नहीं कर रही तो उन शोहदों को भला कौन रोकेगा।
घर लौटते वक्त उसे वही लड़के रास्ते में दिखे तो उसकी हिम्मत टूट गई। कोतवाली से घर लौटने पर उसने केरोसिन डालकर खुद को आग लगा ली। घरवाले जब तक दौड़े वह 90 फीसदी झुलस चुकी थी।
बेटी की हालत पर बिलख रहे मां बाप
घरवाले उसे जिला अस्पताल ले गए जहां से आगरा रेफर कर दिया गया। अस्पताल में उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। वह तड़प रही है। उसकी हालत को देख मां-बाप बिलख रहे हैं। पिता का कहना है कि अगर पुलिस ने कार्रवाई कर दी होती तो उनकी बेटी ऐसा कदम नहीं उठाती। उधर, इस मामले में कोतवाली प्रभारी डीएन मिश्रा ने रविवार को कहा था कि उनके पास पिता-पुत्री कोई शिकायत लेकर नहीं पहुंचे। अगर आते तो सुनवाई की जाती।
किशोरी के परिजनों का आरोप है कि बेटी से छेड़छाड़ करने वाले अभी तक खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस ने किसी को गिरफ्तार तक नहीं किया है। किसी पुलिस अधिकारी ने उस किशोरी का हाल तक नहीं पूछा है।
छेड़छाड़ से परेशान होकर खुद को आग लगाने वाली किशोरी का परिवार बदहाल हालत है। बताते हैं कि किशोरी के पिता ठेल लगाकर किसी तरह परिवार का पेट पालते हैं। परिवार की तंगी के चलते किशोरी की पढ़ाई भी छूट गई। इन दिनों किशोरी घर पर ही रह रही थी।