जिस गुनाह पर उसे पछतावा तक नहीं था, उसी गुनाह के लिए जब कारागार की दहलीज
पर पहुंचा तो फूट-फूटकर रोने लगा। अपनी करनी पर अफसोस भी होने लगा। पुलिस
ने भी उसके आंसू नहीं पोंछे। परिवार के लोग भी उससे मिलने नहीं आए। वकील की
पत्नी और बेटी के हत्यारोपी भतीजे गौरव को बैरक नंबर नौ में रखा गया है।
उस पर नजर भी रखी जा रही है।
बता दें, खंदारी कॉलोनी में अधिवक्ता
प्रवीण गुलाटी की पत्नी रमा और बेटी दीक्षा की हत्या उनके भतीजे गौरव ने ही
की थी। बहन व पिता के अपमान का बदला लेने के लिए उसने ये कदम उठाया। पुलिस
ने रविवार को उसे हिमाचल प्रदेश के कसौल से गिरफ्तार किया था। पुलिस के
सामने उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। प्रवीण गुलाटी से बातचीत के दौरान भी
उसने अपने इस कृत्य पर किसी तरह का अफसोस नहीं जताया। मीडिया के सामने
हत्याकांड की कहानी बताने में भी पीछे नहीं रहा लेकिन सोमवार शाम को जेल
भेजे जाते वक्त उसकी आंखों से आंसू निकल आए। बकौल पुलिस, वह एक ही बात कह
रहा था, यह मैंने क्या कर डाला। यह मुझसे क्या हो गया। वह अपनी करनी पर
पछतावा कर रहा था। इसके बाद गाड़ी में भी रोता रहा।
मोबाइल और गहनों के लिए पुलिस करेगी पूछताछ
पुलिस
ने हत्यारोपी गौरव से लूटा गया माल बरामद कर लिया, लेकिन मोबाइल नहीं मिला
है। मोबाइल सिकंदरा क्षेत्र में उसने फेंक दिया था। इसके अलावा अधिवक्ता
ने बताया कि उससे जो गहने बरामद हुए हैं, वह पूरे नहीं हैं। ऐसे में मोबाइल
और गहनों की बरामदगी के लिए पुलिस गौरव से पूछताछ करेगी। इसके लिए उसे
रिमांड पर लिया जा सकता है।
बेटे को हत्यारोपी सुन मां हो गई बेहोश
बेटे
गौरव द्वारा हत्या की बात सामने आने के बाद सोमवार को उसकी मां गश खाकर
गिर पड़ी। वह जेठ प्रवीण गुलाटी के घर पर ही मौजूद थीं। परिवार के लोगों ने
किसी तरह से उन्हें संभाला।