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गैंगरेप का आरोप : महिला सही या पुलिस?

Mon, 01 Jun 2015 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मामला 5 मई का है। एत्माद्दौला क्षेत्र की विधवा ममता (बदला नाम) और अपनी 16 वर्षीय पुत्री के साथ घर में थी। उसका आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला एक दबंग युवक अपने तीन साथियों के साथ घर में घुस आया। वे बेटी को छेड़ने लगे। वह विरोध करने लगी तभी लड़की ने भागकर कमरे में बंद हो गई। युवकों ने ममता को तमंचा दिखाकर से दरवाजा खुलवाने को कहा। इनकार पर सबने उसके साथ रेप किया और बाहर से कुंडी लगाकर चले गए। उसने कंट्रोल रूम को सूचना दी तो पुलिस ने ही आकर कुंडी खोली। मां-बेटी थाने ले जाई गईं। मेडिकल कराने की तैयारी हुई। महिला सिपाही ने घर आकर उसके कपड़े रखवाए। इसी बीच पुलिस का रुख बदल गया। कुछ कागजों पर हस्ताक्षर कराने के बाद लौटा दिया गया। ममता के मुताबिक 26 मई की शाम को वह थाने गई। तभी आरोपी भी आ गए। उसे डराया गया। उसका कहना है कि पुलिस ने भी आरोपियों का साथ दिया। फिर हस्ताक्षर कराए, कहा समझौता हो गया। तब वह शिकायत लेकर डीआईजी और एसएसपी दफ्तर गई।
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इस बारे में सीओ छत्ता बीएस त्यागी का कहना है कि महिला ने मेडिकल कराने से मना कर दिया था। बाद में समझौता कर लिया। यह जीडी में भी दर्ज है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि यदि इसके बावजूद महिला कोई शिकायत करती है तो जरूर कार्रवाई होगी।

दहशत में घर छोड़ा  
ममता ने बताया कि अपराधी प्रवृत्ति आरोपी पहले भी उसकी बेटी के साथ छेड़खानी कर चुके हैं। कोई उनके आगे मुंह भी नहीं खोलता। दहशत के कारण वह घर छोड़कर रिश्तेदारी में शरण ली है। उसे डर है कि अफसरों से शिकायत करने के कारण आरोपी ‘कुछ’ भी कर सकते हैं।
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