रियल एस्टेट कारोबार में चल रहे मंदी के दौर में अब बिल्डर एक दूसरे के साथ
धोखाधड़ी करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। महाजन इनफ्राबिल्ड के डायरेक्टर
राजकुमार गुप्ता को दयालबाग के एमीनेंट प्लानर्स एंड डवलपर्स के निदेशकों
ने निर्माणाधीन एमरोल्ड रेजीडेंसी में तीन फ्लैट बुक कराने के बाद 1.20
करोड़ रुपये हड़प लिए। तगादा करने पर तीन चेक दिए, जोकि बाउंस हो गए।
छानबीन करने पर पता चला कि जिस बैंक के चेक दिए गए थे, उस खाते को चेक देने
से पहले ही बंद कर दिया गया था। इस मामले में एमीनेंट ग्रुप के तीनों
निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
अखिलेश टावर,
संजय प्लेस स्थित महाजन इन्फ्राबिल्ड के निदेशक राजकुमार गुप्ता ने दर्ज
कराई रिपोर्ट में कहा है कि एमीनेंट ग्रुप के निदेशक मनोज अग्रवाल, मनीष
अग्रवाल और संजीव अग्रवाल ने उन्हें बताया कि वे दयालबाग में एमरोल्ड
रेजीडेंसी के नाम से रिहायशी भवन बना रहे हैं। यदि इसमें कम से कम तीन
फ्लैट बुक करेंगे तो आपको फ्लैट की कीमत में भारी छूट दी जाएगी। इस पर
उन्होंने सितंबर 2014 में अपनी कंपनी की ओर से फ्लैटों को देखने के बाद
रेजीडेंसी में फ्लैट नंबर 36, 46 और 56 का सौदा प्रति फ्लैट 52 लाख रुपये
के हिसाब से किया। पांच-पांच लाख रुपये बतौर एडवांस देकर इकरारनामा कराया।
सौदे की मियाद 12 माह तय हुई। इसके बाद एक जून 2015 तक फ्लैटों की कीमत के
एवज में 35-35 लाख रुपये विभिन्न तिथियों में भुगतान किया।
इसके बाद
बिल्डर ने अलॉटमेंट लैटर भी थमा दिए। जब वे फ्लैटों को देखने पहुंचे तो पता
चला कि तीनों फ्लैटों को पहले ही अन्य व्यक्तियों को बेचा जा चुका है। जब
हमारी कंपनी के निदेशकों ने बिल्डर पर दबाव बनाया तो उन्होंने पांच जुलाई
को 25-25 लाख रुपये की धनराशि के चेक यस बैंक संजय प्लेस की शाखा के दिए।
जब इन चेकों को भुगतान के लिए बैंक में लगाया गया तो पता चला कि ये लोग
खाते को चेक जारी करने से पूर्व ही बंद कर चुके हैं। इस मामले में एमीनेंट
ग्रुप के तीनों निदेशकों के खिलाफ थाना हरीपर्वत में धोखाधड़ी का मुकदमा
दर्ज किया गया है। थानाध्यक्ष शैलेश कुमार ने बताया कि मुकदमे की विवेचना
की जा रही है। गौरतलब है कि पिछले चार महीनों में बिल्डरों की धोखाधड़ी के
मामले एक के बाद एक लगातार सामने आ रहे हैं।