मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर देने वाले राजनीतिक दल और प्रशासनिक महकमे का मतदाता बढ़ाने और उनकी समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं है। मतदाता पुनरीक्षण के विशेष अभियान के दौरान भी कई मतदेय स्थलों पर बीएलओ नहीं पहुंचे। तो कहीं समय से पहले ही अभियान खत्म करके लौट गए।
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर रविवार को मतदाता पुनरीक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों के तमाम बूथों के लोगों की शिकायत थी कि बीएलओ शाम पांच बजे से पहले ही केंद्र से चले गए। कुछ लोग नए मतदाता पहचान पत्र बनवाने पहुंचे तो कुछ संशोधन कराने को। हालांकि अधिकांश केंद्रों बीएलओ सुबह दस बजे ही पहुंच गए थे। बीएलओ समेत तहसील कर्मियों ने युवाओं के नाम सूची में शामिल करने के लिए फार्म भरवाए। फतेहपुर सीकरी, पिनाहट के सर्वोदय विद्यामंदिर, हरनारायन कन्या विद्यालय, हुब्बलाल जूनियर हाईस्कूल में, एत्मादपुर के जनता इंटर कालेज व प्राथमिक विद्यालय फार्म भरवाए गए।
इधर, राजनीतिक दल भी मतदाता पुनरीक्षण अभियान में रुचि नहीं ले रहे। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक सिर्फ भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने ही बीएलओ बनाने के लिए अपने कार्यकर्ताओं की सूची सौंपी है। बाकी किसी दल ने निर्वाचन विभाग को कोई सूची नहीं दी। भाजपा ने भी सिर्फ 912 और बसपा ने 2077 कार्यकर्ताओं की सूची सौंपी है। जबकि जिले में 3411 बूथ हैं। इन सभी बूथों पर राजनीतिक दलों की तरफ से नामित बीएलओ पहुंचने थे।
किसी की उम्र तो किसी
का पिता ही बदल दिया
मतदाता पहचान पत्र में सबसे ज्यादा गड़बड़ी उम्र और पिता के नाम को लेकर आ रही हैं। 18 साल के मतदाता के पहचान पत्र पर उम्र 14 साल दर्ज कर दी है। मतदाता पुनरीक्षण के दौरान ऐसी ही तमाम शिकायतें आ रही हैं।