आगरा के एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी में शनिवार रात को तीन बजे सैन्यकर्मी और जूनियर डाक्टरों में विवाद के बाद मारपीट हो गई। सैन्यकर्मी अपनी पत्नी का इलाज कराने आया था। डाक्टर से इलाज को लेकर कहासुनी हुई।
इसके बाद मारपीट हुई। सैन्यकर्मी ने फोन करके अपने साथी जवान बुला लिए। इस पर डाक्टर और स्टाफ इमरजेंसी छोड़कर भाग गए। इसकी जानकारी पर थाना पुलिस और सेना पुलिस पहुंच गई।
टकराव की आशंका से पुलिस के होश उड़ गए। किसी तरह विवाद खत्म कराकर मामला शांत कराया गया। फौजियों ने एक डाक्टर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
रात में तीन बजे हुआ ये
बताया गया है कि सैन्यकर्मी रंजीत सिंह छह पैरा में तैनात है। उसकी पत्नी के पेट में दर्द की शिकायत थी। वह रात तीन बजे इमरजेंसी आया था। इमरजेंसी के 115 नंबर में डाक्टरों से इलाज को लेकर कहासुनी हो गए। इस पर डाक्टर सौरभ शर्मा आ गए।
रंजीत का आरोप है कि डाक्टर सौरभ ने गालीगलौज की और हमला बोल दिया। वह शराब के नशे में थे। पत्नी के बाल खींचे और पेट में लात मार दी। रंजीत पर भी हमला बोला। रंजीत ने अपने साथी जवानों को घटना की जानकारी दी।
डाक्टरों ने बुलाई पुलिस
डाक्टरों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। थाना एमएम गेट एसओ फोर्स के साथ पहुंच गए। एक बार पहले भी सैन्यकर्मियों से टकराव हुआ था। इस कारण पुलिस हरकत में आ गई। सेना पुलिस को भी बुला लिया। गाड़ियों से 6-7 सैन्यकर्मी आ गए। उन्होंने डाक्टर सौरभ को पकड़ लिया।
उनका मेडिकल कराने की मांग की। इस पर पुलिस ने सैनिक, उसकी पत्नी और डाक्टर को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा। एसओ एमएम गेट ने बताया कि सैनिक ने तहरीर दी है। इस मामले में सीधे मुकदमा दर्ज नहीं हो सकता। इसलिए जिलाधिकारी कार्यालय तहरीर भेजी गई है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
डाक्टर ने भी दी तहरीर
डाक्टर सौरभ का कहना था कि सैन्य कर्मी रंजीत शाम सात बजे अपनी पत्नी किरन कौर को लेकर आया था। उसके पेट में दर्द था। महिला को दर्द की दवा और इंजेक्शन दिया गया था। रात को आने पर दोबारा दवा दी गई। इंजेक्शन भी लगाया गया।
इस पर रंजीत मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने लगा। मेरे साथ मारपीट की। पत्नी ने भी मारपीट की। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। उन्होंने भी तहरीर दी है। तीनों का मेडिकल कराया गया है। एक साल पहले भी सैन्यकर्मियों ने इमरजेंसी घेर ली थी। तब भी इलाज को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस अधिकारियों ने मामला शांत कराया था।