आगरा। डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय में पत्नी की बीएससी की फर्जी मार्कशीट लेकर प्रोवीजनल डिग्री लेने पहुंचे गन्ना किसान को कर्मचारियों ने पकड़ लिया। किसान को थाना हरीपर्वत पुलिस के सुपुर्द कर दिया। इस मामले में रजिस्ट्रार ने किसान के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आजमगढ़ के रौनापार, बाजार गुंसाई निवासी रामनिवास गन्ना किसान है। पुलिस ने बताया कि शनिवार को वह अपनी पत्नी शशिप्रभा की बीएससी की मार्कशीट लेकर विश्वविद्यालय पहुंचा था। उसने बताया कि शशिप्रभा ने एटा के एक कालेज से दो साल पहले बीएससी की थी। प्रोवीजनल डिग्री के लिए आवेदन किया। विवि कर्मचारियों ने शशि प्रभा की मार्कशीट चेक की तो फर्जी प्रतीत हुई। इसके बाद कर्मचारियों ने रामनिवास से बीएससी फर्स्ट ईयर और सेकेंड ईयर की मार्कशीट दिखाने को कहा। उसने वे मार्कशीट भी दिखाईं। रिकार्ड में देखने पर पता चला कि मार्कशीट नकली थीं। रजिस्ट्रार केएन सिंह की सूचना पर पहुंची पुलिस ने रामनिवास को हिरासत में ले लिया। रामनिवास ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी ने इंटर किया था। वह पत्नी की नौकरी लगवाना चाहता था।
तकरीबन चार साल पहले एक शादी समारोह में उसकी मुलाकात एटा के अभिमन्यु नामक युवक से हुई। अभिमन्यु ने बताया कि वह पत्नी को घर बैठे ही अंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएससी करा देगा। पेपर भी दूसरे परीक्षार्थी से दिलवा देगा। झांसे में आकर रामनिवास ने अभिमन्यु से पत्नी का दाखिला एटा के एक कालेज में करा दिया। इसके बाद अभिमन्यु ने 90 हजार रुपये लेकर बीएससी की तीनों साल की मार्कशीट उसे दे दी। रजिस्ट्रार ने रामनिवास के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाना प्रभारी शैलेश कुमार का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज करके आरोपी को जेल भेजा है।