मैनपुरी के भोगांव में बीती आठ जून की रात को हुई सराफ की हत्या और लाखों की लूट के मामले में पुलिस के खुलासे को परिवारीजनों ने एक झटके में ही खारिज कर दिया। मृत सराफ के परिवारीजनों ने जहां लूटे गए माल को अपना नहीं बताया वहीं हत्या के तथ्यों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिवारीजनों का कहना है कि अब वे मामले में सीबीआई जांच की मांग के लिए लखनऊ जाएंगे।
कस्बा भोगांव के सिंधी मोहल्ला निवासी सराफ राजेश वर्मा के परिवारीजनों ने पुलिस की प्रेस कांफ्रेंस के बाद मीडिया से कहा कि पुलिस जिस माल की बरामदगी दिखा रही है, वह हमारा है ही नहीं। राजेश वर्मा की हत्या के दौरान लुटेरों सोने और चांदी के आभूषणों से भरा बैग लूटकर ले गए थे लेकिन पुलिस गिलट और पीतल के आभूषणों पर पॉलिश वाले आभूषण दिखा रही है।
साथ ही उन्होंने कहा कि लुटेरे सारे आभूषण और नकदी से भरा बैग लूटकर ले गए थे। बैग में दुकान के हिसाब वाली किताबें और बही खाते भी थे, उन्हें भी पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। साथ ही जो बैग था वह भी पुलिस को नहीं मिला है। यह कहकर उन्होंने खुलासे का फर्जी बताया।
इसके अलावा सराफ के परिवारीजनों ने यह कहकर घटना के खुलासे को खारिज कर दिया कि हत्या के दौरान यह बता सामने आई थी कि राजेश वर्मा का पिस्टल से गोली मारी गई है लेकिन पुलिस ने 315 बोर के तमंचे के साथ खुलासा किया है। ऐसे में हम खुलासे की मांग से संतुष्ट नहीं है और घटना की सीबीआई जांच की मांग के लिए लखनऊ जाएंगे।