सतेंद्र की हत्या के बाद उनके परिवारीजनों और रिश्तेदारों का गुस्सा हरीपर्वत थाना पुलिस पर फूटा। एक तो पुलिस शुरू में हत्या को हादसा बता रही थी। दूसरा परिवारीजनों के आने से पहले ही शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। इससे वे भड़क गए। हत्या की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उनके परिवार को सूचना दी कि सतेंद्र हादसे में घायल हो गए हैं। जब एसएन इमरजेंसी में डाक्टर ने बताया कि मौत गोली लगने से हुई है, तो पुलिस के होश फाख्ता हुए। इसके बाद विरोध की आशंका के चलते शव को तुरंत मोर्चरी में रखवा दिया गया। सतेंद्र की पत्नी विमलेश रो-रोकर बेहोश हो गईं। उन्हें बड़ी मुश्किल से होश में लाया गया। उनकी संतान में दो बेटियां और एक बेटा है। तीनों अविवाहित हैं।
कर्मचारी की हत्या से हम सन्न हैं। सतेंद्र कर्मठ कर्मचारी थे। उनके हत्यारोपियों को जल्द पकड़ने की पुलिस अफसरों से मांग की है।
- प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल, कुलपति
सतेंद्र ईमानदार कर्मचारी थे और पूरी निष्ठा से अपना काम करते थे, घटना दुखद है, इसका जल्द खुलासा होना चाहिए।
- केएन त्रिपाठी (रजिस्ट्रार )