एत्मादपुर और डौकी में गुुरुवार सुबह धमाकों की तेज आवाज से लोग दहशत में आ गए। दोनों जगह मकान तक हिल गए। दोनों जगह माना जा रहा है कि धमाके पटाखों में हुए। यहां कई गांवों में बगैर लाइसेंस के पटाखे बनाए जाते हैं। पुलिस ने इनमें जांच पड़ताल की लेकिन धमाके का सच पता नहीं चल पाया। इस दौरान कई जगह अवैध पटाखों का जखीरा बरामद किया गया।
एत्मादपुर में धौर्रा, इससे सटे नगला खरगा और आस पास के गांवों में पटाखे बनाने का काम काफी समय से होता है। यहां पटाखों में कई बार धमाके हो चुके हैं। 15 लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद बगैर लाइसेंस के कई लोग पटाखे बनाने का काम करते हैं। गुरुवार सुबह करीब साढ़े दस बजे तेज धमाके की आवाज आई। ऐसा लगा जैसे धौर्रा या खरगा में कहीं धमाका हुआ हो।
गांव में हल्ला मच गया। आवाज इतनी तेज थी कि शाहदरा, एत्मादपुर और टूंडला तक सुनाई दी। तहसील की खिड़कियां तक हिल गईं। इसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। उपजिलाधिकारी सुनील वर्मा, तहसीलदार रजनीकांत पुलिस फोर्स के साथ धौर्रा व नगला खरगा पहुंच गए। वहां कई लोगों से पूछा कि धमाका कहां हुआ है, लेकिन सही जानकारी नहीं मिल सकी। आस पास के गांवों में भी पुलिस टीम भेजी गई, लेकिन धमाके का सच सामने नहीं आ पाया।
इस बीच धौर्रा के पास लटूरी की ठार पर बाजारा के खेत में अवैध देशी पटाखों का जखीरा पकड़ा गया। इसके अलावा कई जगह पटाखे मिले जो बगैर लाइसेंस के बनाए जा रहे थे।
उधर, डौकी में घटना सुबह तकरीबन दस बजे की है। गांव समोगर के पास तेज धमाका हुआ। इससे लोगों के मकान तक हिल गए। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी। पुलिस गांव में पहुुंच गई। खेतों में छानबीन की, लेकिन घटनास्थल नहीं मिल सका। पुलिस ने समोगर घाट सहित आसपास के गांव को खंगाला। खेतों को भी चेक किया। पुलिस को लोगों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि डौकी तक आवाज सुनी गई।
बता दें, डौकी क्षेत्र के कई गांवों में भी अवैध रूप से पटाखे बनाए जाते हैं। एक बार हादसा भी हो चुका है। पुलिस का कहना है कि गांव पैंतखेड़ा में लाइसेंस धारक द्वारा पटाखे बनाए जाते हैं। इसके अलावा कहीं पटाखे नहीं बनाए जा रहे।
डौकी और एत्मादपुर में सुबह धमाका होने की सूचना आई थी। लोगों ने बहुत तेज आवाज सुनी थी। पुलिस ने चेकिंग की। कुछ स्पष्ट नहीं हो सका। पटाखा बनाने वाले लोगों से भी पड़ताल की गई है। अवैध पटाखे बरामद किए गए हैं - बबीता साहू ( एसपी पश्चिमी )