सीओ सदर महेश कुमार ने बताया कि बुधवार रात तकरीबन 12:30 बजे पीआरवी आठ देवरी गांव के पास खड़ी थी। गांव का हरिकिशन आया। उसने बताया कि छोटे भाई की हत्या करके आ रहा है। उसकी लाश घर के बाहर पड़ी हुई है। उसे गिरफ्तार कर लो। उधर, परिजन भी हरिकिशन की तलाश कर रहे थे। इस पर हरिकिशन को हिरासत में लेकर पुलिस थाने ले आई।
थाना ताजगंज के गांव देवरी में मंगलवार रात को 12 बजे घर के बाहर चारपाई पर सो रहे छोटे भाई महावीर सिंह (65) की सिर में सब्बल से प्रहार करके हरिकिशन (73) ने हत्या कर दी। छोटे भाई ने अपने हिस्से के खेत का सौदा 70 लाख रुपये में कर दिया था। इससे बड़ा भाई नाराज था। हत्या के बाद हरिकिशन ने गांव में खड़ी पीआरवी आठ के पुलिसकर्मियों के पास जाकर कहा कि उसे गिरफ्तार कर लिया जाए, वह खून करके आया है।
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सीओ सदर महेश कुमार ने बताया कि बुधवार रात तकरीबन 12:30 बजे पीआरवी आठ देवरी गांव के पास खड़ी थी। गांव का हरिकिशन आया। उसने बताया कि छोटे भाई की हत्या करके आ रहा है। उसकी लाश घर के बाहर पड़ी हुई है। उसे गिरफ्तार कर लो।
उधर, परिजन भी हरिकिशन की तलाश कर रहे थे। इस पर हरिकिशन को हिरासत में लेकर पुलिस थाने ले आई। इसके बाद गांव में पहुंचकर शव बरामद कर लिया। हत्या की जानकारी परिजनों को नहीं थी। उन्हें पता चला तो सकते में आ गए। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त सब्बल भी बरामद कर लिया गया है।
70 लाख में महावीर ने किया था खेत का सौदा
पुलिस के पूछताछ में हरिकिशन ने बताया कि वह दो भाई थे। छोटा भाई महावीर अविवाहित था। शराब पीकर आए दिन परिजनों से झगड़ा करता था। महावीर के हिस्से में डेढ़ बीघा खेत, जबकि हरिकिशन के हिस्से में 12 बिस्वा खेत है। यह मुख्य मार्ग पर आ गए हैं। इस कारण कीमत बढ़ गई है। हरिकिशन के चार बेटे और एक बेटी है। बड़ा बेटा धर्मेंद्र दिल्ली में रहता है।
उस पर लॉकडाउन में 2.5 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। बेटे का कर्ज चुकाने लिए हरिकिशन अपने हिस्से से दस बिस्वा खेत बेचने को एक किसान से बात कर रहे थे। उधर, महावीर भी अपने हिस्से के दस बिसा खेत बेचने की बातचीत एक किसान से कर रहा था। महावीर का सौदा 70 लाख रुपये में हो गया था। हरिकिशन के खेत का सौदा टल गया। अब उसको आशंका थी कि महावीर पैसा शराब में खर्च कर देगा। इसलिए वह खेत बेचने का विरोध कर रहा था। मगर, महावीर नहीं मान रहा था।
भाई के सोते ही कर दी हत्या
मंगलवार की रात को महावीर और हरिकिशन में कहासुनी हो गई। इस कारण हरिकिशन जागता रहा। महावीर के सोने के बाद सब्बल उठाकर एक के बाद दस से 12 बार प्रहार किए। तब तक मारता रहा, जब तक भाई की जान नहीं चली गई। मामले में हरिकिशन के खिलाफ हत्या का मुकदमा उसके ही बेटे श्याम ने दर्ज कराया है। इसमें चाचा की हत्या में पिता को आरोपी बनाया है। श्याम ने बताया कि वह नोएडा में रहता था। एक स्कूल में बस चलाता था। लॉकडाउन में गांव आ गया। चाचा महावीर ने परिवार समेत अपने पास रखा था। उसको दोबारा नौकरी पर जाने के लिए मना कर दिया। श्याम ने बताया कि दादी कंपूरी देवी चाचा महावीर को लेकर चिंतित रहती थीं। चार साल पहले उनकी मौत हो गई। वही चाचा का ख्याल रख रहा था।